मध्य प्रदेश में तीन तूफानी सिस्टम एक्टिव, 60 घंटे से थम नहीं रही बारिश; इंदौर-उज्जैन समेत 17 जिलों में अति भारी बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट
मध्य प्रदेश में इस वक्त कुदरत का अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। सूबे के ऊपर एक साथ तीन शक्तिशाली मौसमी सिस्टम एक्टिव हो गए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश में मानसून ट्रफ, अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ईस्ट-वेस्ट शियर जोन की तिहरी जुगलबंदी बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने जानकारी दी है कि इन प्रणालियों के कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों ओर से आ रही नमी सीधे मध्य प्रदेश के आसमान में जमा हो रही है। इसी वजह से पिछले 60 घंटों से राज्य के 40 से अधिक जिलों में अनवरत बारिश का सिलसिला जारी है और कम समय में ही मूसलाधार पानी गिर रहा है।
इंदौर, उज्जैन, धार और बड़वानी समेत 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों को बेहद संवेदनशील मानते हुए अलर्ट जारी किया है। आलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन जिलों में अति भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। वहीं इंदौर, उज्जैन, नीमच, रतलाम, सीहोर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
इसके साथ ही भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों समेत पूरे मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ रुक-रुककर तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं। लगातार हो रही इस बारिश से कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे आवागमन और सड़क संपर्क पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
बिजासन घाट पर छाया घना कोहरा, भोपाल से टीकमगढ़ तक जलभराव और ठंडक
तूफानी बारिश के कारण आम जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है। मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे पर स्थित बड़वानी के बिजासन घाट में लगातार तीसरे दिन इतना घना कोहरा छाया रहा कि वाहन चालकों को दोपहर में भी हेडलाइट जलाकर रेंगते हुए गुजरना पड़ा। टीकमगढ़ में सुबह से जारी बारिश के बाद अब तक औसतन 11.2 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है।
उधर, राजधानी भोपाल में मंगलवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। वहीं लगातार चल रही ठंडी हवाओं और रिमझिम फुहारों ने पूरे प्रदेश में मौसम को खुशनुमा और सुहावना बना दिया है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले कुछ दिनों तक मध्य प्रदेश में बारिश की ये गतिविधियां इसी तरह जारी रहेंगी।