‘किसी का धड़कता दिल होगा और कुछ दिमाग होगा तो...’ प्रदर्शनों पर असदुद्दीन ओवैसी का तीखा पलटवार, वीडियो हुआ वायरल
देश में चल रहे हालिया विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक उठापटक के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी का एक बड़ा बयान सामने आया है। अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर हैदराबाद के सांसद ने प्रदर्शनकारियों और विपक्षियों द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों का समर्थन करते हुए सत्ता पक्ष पर तंज कसा है। ओवैसी ने कहा कि अगर किसी इंसान के सीने में धड़कता हुआ दिल है और सोचने के लिए दिमाग है, तो वह देश के मौजूदा हालात और जनता के इस विरोध प्रदर्शन को देखकर चुप नहीं बैठ सकता। उनका यह रिएक्शन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ओवैसी का बड़ा बयान: संवेदना और समझ की कमी पर उठाए सवाल
एक जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकार और प्रशासन के रवैये पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, वे अपनी जायज मांगों को लेकर सड़कों पर हैं। अगर किसी का धड़कता दिल होगा और कुछ दिमाग होगा तो वह यह बात बखूबी समझेगा कि यह गुस्सा क्यों है। लेकिन जिनके पास न तो संवेदना है और न ही जनता की समस्याओं को समझने की समझ, वे सिर्फ लाठियों और दमन के दम पर इस आवाज को दबाना चाहते हैं।"
जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का किया पुरजोर समर्थन
ओवैसी ने अपने भाषण में जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। जब भी जनता के अधिकारों पर आंच आएगी, लोग सड़कों पर उतरेंगे ही। उन्होंने विपक्ष और सत्ता पक्ष के उन नेताओं को भी आड़े हाथों लिया जो प्रदर्शनों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। ओवैसी के मुताबिक, इस आंदोलन को किसी एक दल या मजहब के चश्मे से देखना पूरी तरह गलत है, यह सीधे तौर पर आम जनता के वजूद और अधिकारों की लड़ाई है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, बयानों के निकाले जा रहे राजनीतिक मायने
असदुद्दीन ओवैसी के इस बयान का वीडियो जैसे ही डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर आया, वैसे ही इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। एक तरफ जहां ओवैसी के समर्थक उनके इस बयान को जनता की वास्तविक आवाज बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी दल के नेताओं ने इस पर पलटवार किया है। विरोधियों का कहना है कि ओवैसी हर संवेदनशील मुद्दे पर अपनी रोटियां सेकने की कोशिश करते हैं और प्रदर्शनों को भड़काने का काम कर रहे हैं।
आगामी चुनावों और सियासी समीकरणों पर पड़ सकता है असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओवैसी का यह आक्रामक रुख आने वाले दिनों में देश के सियासी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। सीजेपी प्रोटेस्ट और अन्य मुद्दों पर जिस तरह से जनता का एक बड़ा वर्ग आंदोलित है, उसे देखते हुए ओवैसी खुद को हाशिए पर मौजूद लोगों के सबसे बड़े रहनुमा के तौर पर पेश करने की रणनीति अपना रहे हैं। फिलहाल, उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस का दौर जारी है और यह वीडियो लगातार ट्रेंड कर रहा है।