West Bengal Border Fencing: अब रुकेगी घुसपैठ! सुवेंदु सरकार ने BSF को सौंपी 1024 एकड़ से अधिक जमीन; जानिए किस जिले के हिस्से आई कितनी भूमि

West Bengal Border Fencing: अब रुकेगी घुसपैठ! सुवेंदु सरकार ने BSF को सौंपी 1024 एकड़ से अधिक जमीन; जानिए किस जिले के हिस्से आई कितनी भूमि

पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध घुसपैठ और तस्करी को रोकने की दिशा में राज्य की नई सुवेंदु अधिकारी सरकार ने एक ऐतिहासिक और बेहद बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने राज्य के 9 सीमावर्ती जिलों में फैली 1,024.75 एकड़ जमीन को आधिकारिक तौर पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप दिया है।

इस बड़े फैसले के बाद भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा के 172.6 किलोमीटर लंबे हिस्से पर कटीले तारों की बाड़ (Border Fencing) लगाने का काम अब युद्धस्तर पर शुरू हो सकेगा। सालों से जमीन अधिग्रहण की फाइलों में अटकी इस बड़ी रुकावट को सुवेंदु सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक के फैसलों के तहत महज कुछ ही दिनों में दूर कर दिया है।

सुरक्षा के लिहाज से क्यों बेहद खास है सुवेंदु सरकार का यह फैसला?

पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ कुल 2,217 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है, जिसमें से लगभग 1,600 किलोमीटर हिस्से पर ही अब तक बाड़ लगाई जा सकी थी। बाकी बचे संवेदनशील इलाकों में जमीन न मिल पाने के कारण फेंसिंग का काम सालों से रुका हुआ था।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी साझा करते हुए लिखा:

"राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना और हमारी सीमाओं को मजबूत करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत-बांग्लादेश सीमा को सुरक्षित करने के अपने संकल्प के तहत, हमने जरूरी फेंसिंग के निर्माण के लिए BSF को जमीन ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है।"

किस जिले में BSF को मिली कितनी जमीन? (पूरी लिस्ट)

राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 9 अलग-अलग जिलों में भूमि का हस्तांतरण किया गया है। इसका जिलावार विवरण नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:

जिला बॉर्डर की लंबाई (किमी में) ट्रांसफर की गई जमीन (एकड़ में)
मुर्शिदाबाद 45.4 किमी 337 एकड़
उत्तर 24 परगना 42.07 किमी 241.03 एकड़
कूचबिहार 39.39 किमी 135.33 एकड़
मालदा 20.15 किमी 176.78 एकड़
नदिया 14.79 किमी 95.11 एकड़
दक्षिण दिनाजपुर 7.75 किमी 26.41 एकड़
उत्तर दिनाजपुर 1.28 किमी 6.61 एकड़
दार्जिलिंग 1.45 किमी 4.31 एकड़
जलपाईगुड़ी 0.31 किमी 2.17 एकड़
कुल योग 172.6 किमी 1,024.75 एकड़

कैबिनेट की पहली बैठक में लिया गया था 45 दिनों का संकल्प

पश्चिम बंगाल में सत्ता संभालने के बाद भाजपा सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही यह दृढ़ संकल्प लिया गया था कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के काम में आ रही सभी प्रशासनिक और भूमि संबंधी रुकावटों को अधिकतम 45 दिनों के भीतर दूर कर दिया जाएगा। सरकार ने न केवल इस समय-सीमा के भीतर काम पूरा किया, बल्कि बिना दस्तावेजों वाले विदेशी नागरिकों का पता लगाने और उनके लिए होल्डिंग सेंटर बनाने के अभियान को भी तेज कर दिया है।

इस जमीन हस्तांतरण के बाद अब बीएसएफ (BSF) नदी तटीय क्षेत्रों, डेल्टा और अन्य मैदानी संवेदनशील इलाकों में हाई-टेक सर्विलांस ग्रिड, सीसीटीवी कैमरे, फ्लड लाइट्स और मजबूत फेंसिंग का जाल बिछाने की तैयारी में जुट गई है।

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