इंसानियत तार-तार: प्रेमी के साथ भागी नाबालिग, अपनों ने पकड़ा तो समाज के 2 मुखियाओं ने लूटी आबरू
छत्तीसगढ़ के कोरिया जनपद से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की, जिसने अपनी मर्जी से दूसरे समुदाय के युवक से शादी की थी, उसे अपनों के ही छलावे और समाज के दबाव का शिकार होना पड़ा।
परिजनों ने ससुराल वालों के कड़े विरोध के बावजूद लड़की को जबरदस्ती अगवा कर लिया और समाज के दो रसूखदार मुखियाओं के हवाले कर दिया। इसके बाद बंधक बनाकर जो दरिंदगी की गई, उसने कानून-व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बंधक बनाकर दरिंदगी और जबरन अबॉर्शन की खौफनाक साजिश
पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, परिजनों ने उसे समाज के दो मुखियाओं—रमेश सिंह और दारोगा सिंह के सुपुर्द कर दिया था। दोनों आरोपी उसे सूरजपुर जिले के चांदनी-बिहारपुर इलाके स्थित अपने घर ले गए। वहां नाबालिग को कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया गया। हैवानियत की हदें तब पार हो गईं जब आरोपियों को पता चला कि लड़की 5 महीने की गर्भवती है। गर्भपात कराने की नीयत से आरोपियों ने उसे जबरन अबॉर्शन की दवाइयां खिलाईं और पेट पर लातें तक मारीं।
मेडिकल स्टोर की एक कॉल और पुलिस का बड़ा एक्शन
जब पीड़िता की हालत बिगड़ने लगी और आरोपी उससे दोबारा अबॉर्शन की गोलियां मंगवाने के लिए एक मेडिकल स्टोर पर ले गए, तब पीड़िता ने सूझबूझ का परिचय दिया। मौका मिलते ही उसने वहां से अपने पति को फोन मिलाया और रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। सूचना मिलते ही पति ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। एक्शन में आई पुलिस टीम ने तत्काल दबिश देकर पीड़िता को आरोपियों के चंगुल से सुरक्षित छुड़ाया। सूरजपुर से दोनों मुख्य आरोपियों रमेश सिंह और दारोगा सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बीएनएस और पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज, दोनों आरोपी जेल भेजे गए
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि नाबालिग के लापता होने पर परिजनों ने पहले गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन शादी की बात पता चलने पर शिकायत वापस ले ली थी। शुरुआती तौर पर शादी स्वीकार करने के बावजूद, बाद में सामुदायिक दबाव के कारण परिजनों ने यह खौफनाक कदम उठाया। कोरिया और सूरजपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के तहत आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मंगलवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें सीधे जेल भेज दिया गया है।