Up kiran,Digital Desk : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को लातूर नगर निगम चुनाव के लिए आयोजित रैली में कहा कि अगर चुनाव के दौरान किसी दल की ओर से मतदाताओं को पैसा दिया जा रहा है, तो इसे स्वीकार कर लें, लेकिन इसका उपयोग शौचालय बनाने जैसी समाजसेवा में किया जाना चाहिए।
ओवैसी ने अपने संबोधन में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों और वक्फ (संशोधन) अधिनियम की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रतिद्वंदी दल तभी मतदाताओं में पैसे बांटते हैं, जब एआईएमआईएम चुनाव में हिस्सा लेती है। ओवैसी ने मुसलमानों से मजबूत राजनीतिक नेतृत्व बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि हर समुदाय के पास राजनीतिक ताकत है, लेकिन अल्पसंख्यकों के पास नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि दलित और मुसलमान बड़ी संख्या में गरीब हैं, लेकिन विकास उनके इलाकों तक नहीं पहुंचा।
भाजपा पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि पार्टी राष्ट्रवाद की बातें करती है, लेकिन किसान मर रहे हैं, युवा बेरोजगारी झेल रहे हैं और केवल लव जिहाद जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर आरोप लगाया कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर चुप हैं, जिसमें ट्रंप ने कहा कि मोदी मेरे खुश करने के लिए फैसले लेते हैं।
ओवैसी ने महाराष्ट्र सरकार की 'माझी लड़की बहिन' योजना की भी आलोचना की और पूछा कि 9.30 लाख करोड़ रुपये का कर्ज किसने चुकाना है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री अजित पवार पर भी निशाना साधा और कहा कि जो व्यक्ति अपने चाचा शरद पवार के पक्ष में नहीं है, वह लातूर का कैसे प्रतिनिधित्व करेगा।
वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर ओवैसी ने आरोप लगाया कि इस कानून का गलत इस्तेमाल मस्जिदों को बंद करने और सदियों पुराने दरगाहों के मालिकाना हक को चुनौती देने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस संशोधित कानून के तहत गैर-मुसलमान इस मुस्लिम बोर्ड के सदस्य बन सकते हैं, लेकिन मुसलमान हिंदू ट्रस्ट बोर्ड में सदस्य नहीं बन सकते।
हैदराबाद सांसद ने 2006 के मुंबई ट्रेन बम धमाके में एक दोषी की जेल में मौत की भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उस हादसे में 185 लोग मरे, 11 मुसलमान गिरफ्तार हुए और उन्होंने 19 साल जेल में बिताए, लेकिन जेल में एक की मौत की परिस्थितियों की जानकारी नहीं दी गई।
कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि पार्टी ने महाराष्ट्र और लातूर में कई साल शासन किया, लेकिन बुनियादी सुविधाएं नहीं दी। आज भी अल्पसंख्यक इलाके मानसून में जलभराव और पीने के पानी की कमी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ओवैसी ने कहा कि यह उपेक्षा और भेदभाव को दर्शाता है, और विलासराव देशमुख के दो कार्यकाल के बावजूद लातूर में कोई ठोस विकास नहीं हुआ।

_2030603673_100x75.png)
_486761727_100x75.png)
_1831337019_100x75.png)
_201949505_100x75.png)