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Up kiran,Digital Desk : लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण टल गया और पूरे दिन सदन की कार्यवाही प्रभावित रही। प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देना था, लेकिन हंगामे के कारण सदन को गुरुवार सुबह 11 बजे तक स्थगित करना पड़ा।

दिनभर की स्थगित कार्यवाही

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को दिनभर तीन बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी—12 बजे, 2 बजे और शाम 5 बजे। हंगामे की वजह से प्रधानमंत्री मोदी का भाषण टल गया और सदन का काम प्रभावित हुआ। विपक्षी दलों के प्रदर्शन ने संसद की मर्यादा पर सवाल खड़े कर दिए।

भाजपा का आरोप: कांग्रेस ने लोकतंत्र को शर्मसार किया

भाजपा सांसदों ने कांग्रेस पर जोरदार आरोप लगाए। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला काम सदन के अंदर हुआ। राहुल गांधी ने संसद को अपने ऑफिस की तरह समझा। देश के खिलाफ बोलना सकारात्मक सोच नहीं है।"
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने नियमों का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा, "लोकसभा में सभी को बोलने का मौका मिलना चाहिए, कोई भी नियमों के बाहर नहीं बोल सकता।"

सांसदों के निलंबन पर भाजपा की प्रतिक्रिया

भाजपा सांसद शशांक मणि ने 8 विपक्षी सांसदों के निलंबन का समर्थन किया और कहा कि कार्रवाई सही थी। अरुण गोविल और दर्शन सिंह चौधरी ने भी कहा कि राहुल गांधी और उनके समर्थक संसद की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं।

रवनीत सिंह बिट्टू का आरोप

केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी पर शारीरिक हमला करने की कोशिश का आरोप लगाया। बिट्टू ने कहा, "आज तो कोई गली का गुंडा भी ऐसा नहीं करेगा। राहुल गांधी मुझे देखकर हमला करने ही वाले थे।" उन्होंने बताया कि बहस के बाद उन्हें काबू में किया गया और किसी प्रकार की चोट नहीं आई।

गतिरोध के कारण और राजनीतिक प्रभाव

संसद में लगातार हंगामे और स्थगित कार्यवाही ने लोकतंत्र की प्रक्रियाओं पर सवाल खड़ा किया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार सुनवाई नहीं कर रही, जबकि भाजपा का दावा है कि कांग्रेस नियमों का उल्लंघन कर रही है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस गतिरोध का असर वित्तीय और अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों की प्रक्रिया पर पड़ सकता है।