Up kiran,Digital Desk : शनिवार (29 नवंबर) की सुबह दिल्लीवासियों के लिए काफी भारी रही। अगर आज सुबह आप घर से बाहर निकले होंगे या अपनी बालकनी से झांका होगा, तो आपने महसूस किया होगा कि शहर एक मोटी धुंध की चादर में लिपटा हुआ है। यह सर्दी का कोहरा नहीं, बल्कि वो 'स्मॉग' है जो हमारी सांसों के लिए बेहद खतरनाक है।
राजधानी में एक्यूआई (AQI) का स्तर फिर से 400 के करीब पहुंच रहा है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से 'खतरे की घंटी' है।
सांसों पर संकट: कहाँ हालात सबसे खराब?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़े डराने वाले हैं। पूरे शहर में हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' से लेकर 'गंभीर' श्रेणी तक पहुंच गई है।
सबसे बुरे हालात द्वारका सेक्टर-8 (AQI 419) और रोहिणी (AQI 415) जैसे इलाकों के हैं। यहाँ सांस लेना 20-30 सिगरेट पीने जैसा हो गया है। इसके अलावा, जहांगीरपुरी (414) और मुंडका (412) में भी स्थिति बेहद चिंताजनक है। पॉश इलाका माने जाने वाले पंजाबी बाग में भी मीटर 403 पार कर गया है।
दिल्ली के दिल में भी धुआं ही धुआं
अगर आपको लगता है कि सिर्फ बाहरी इलाकों में समस्या है, तो आप गलत हैं। आईटीओ (345 AQI), गाजीपुर (358) और आनंद विहार (358) जैसे व्यस्त इलाकों में भी हवा दम घोंटू बनी हुई है। विजिबिलिटी (दृश्यता) इतनी कम हो गई है कि सड़क पर गाड़ी चलाना भी मुश्किल हो रहा है।
NCR का हाल: नोएडा 'बेहाल', फरीदाबाद में 'राहत'
पड़ोसी शहरों की बात करें तो नोएडा वाले भी जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। नोएडा का AQI 388 दर्ज किया गया, जो 'बेहद खराब' है। ग्रेटर नोएडा (378) और गाजियाबाद (347) का हाल भी कुछ ऐसा ही है।
हाँ, एक आश्चर्यजनक राहत की खबर फरीदाबाद से है। वहां का एक्यूआई 190 रहा, जो बाकी शहरों के मुकाबले काफी साफ (मध्यम श्रेणी) है।
कब मिलेगी राहत?
मौसम विभाग और जानकारों का कहना है कि हवा की रफ्तार कम होने की वजह से प्रदूषक तत्व (Pollutants) एक जगह जमा हो गए हैं। सोमवार तक स्थिति 'बेहद खराब' ही बनी रहने की आशंका है। पीएम 2.5 और पीएम 10 कणों की मात्रा हवा में इतनी ज्यादा है कि अस्थमा के मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर जरूरी न हो, तो सुबह-शाम की सैर से बचें और मास्क का प्रयोग जरूर करें।
महंगाई के मोर्चे पर थोड़ी राहत
एक तरफ जहाँ हवा खराब है, वहीं रसोई का बजट सुधरने की खबर है। बढ़ती महंगाई के बीच केंद्र सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में टमाटर और प्याज 40 रुपये किलो बेचना शुरू कर दिया है, ताकि प्रदूषण की मार झेल रही जनता को कम से कम खाने की मेज पर थोड़ी राहत मिल सके।




