PM बनने का शौक पूरा नहीं होगा! 3 बार हारने के बाद भी नहीं आया नंबर, शाह ने उड़ा दीं राहुल की धज्जियां

PM बनने का शौक पूरा नहीं होगा! 3 बार हारने के बाद भी नहीं आया नंबर, शाह ने उड़ा दीं राहुल की धज्जियां

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित तिरंगा पार्क में आयोजित विशाल जनसभा से विपक्ष पर बड़ा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने 250 करोड़ रुपये की लागत वाली 9 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सभा को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर सीधा प्रहार किया। शाह ने कहा कि सोनिया गांधी का सपना है कि उनका बेटा देश का प्रधानमंत्री बने, लेकिन यह ख्वाब कभी पूरा नहीं हो पा रहा है। इसी हताशा में अब मॉक पार्लियामेंट चलाने का नया रास्ता तलाशा गया है। शाह ने तंज कसते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी को इसी तरह प्रधानमंत्री बनने का शौक है, तो वे जीवनभर सिर्फ मॉक पार्लियामेंट ही चलाते रहें, क्योंकि जनता उन्हें मौका नहीं देगी और लगातार तीन लोकसभा चुनावों में शिकस्त के बाद भी उनका नंबर कभी नहीं आने वाला।

'मोहब्बत की दुकान' से लोगों को नफरत के अलावा और कुछ नहीं मिलने वाला- शाह

गृह मंत्री ने कांग्रेस के सियासी तौर-तरीकों पर सवाल उठाते हुए दो टूक कहा कि झूठ फैलाना, अराजकता पैदा करना, सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालना और संसद की बहस को सड़कों पर लाकर उपद्रव खड़ा करना अगर यही विपक्ष की कार्यशैली रही, तो उन्हें अगले पांच साल भी विपक्ष की कुर्सियों पर ही बैठने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस का चरित्र जनता के सामने आ चुका है और अगर पार्टी नरसंहार के काले दिनों में उत्सव मनाने की जिद करती है, तो तथाकथित 'मोहब्बत की दुकान' से लोगों को नफरत के अलावा और कुछ नहीं मिलने वाला।

शाह ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के दर्दनाक इतिहास का जिक्र करते हुए बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जिस दौर में हजारों निर्दोष सिखों को जिंदा जला दिया गया था, उन्हीं तारीखों पर विदेश से मिले निर्देशों के तहत कांग्रेस ने कार्यक्रम आयोजित करने की हठधर्मिता दिखाई। गृह मंत्री ने गुरुओं की इस पावन धरा से इस कृत्य की घोर निंदा करते हुए कहा कि पूरा भारत और पंजाब इस दर्द को कभी भुला नहीं सकता। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा ने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपील की थी कि 1, 2 और 3 नवंबर को कोई ऐसा जलसा न रखा जाए जिससे दंगा पीड़ित परिवारों, माताओं, बहनों और बच्चों के जख्म हरे हों, लेकिन कांग्रेस ने संवेदनहीनता की सारी सीमाएं पार कर दीं।

चंडीगढ़ के विकास और सुरक्षा पर बात करते हुए गृह मंत्री ने भरोसा जताया कि पंजाब की सीमा से सटा होने के बावजूद चंडीगढ़ देश का पहला पूर्णतः नशामुक्त शहर बनकर उभरेगा। नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद एनडीपीएस मामलों में चंडीगढ़ पुलिस की सक्रियता की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि 93 प्रतिशत आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। इसके साथ ही उन्होंने आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों का बिगुल फूंकते हुए कहा कि जनता को राज्य में एनडीए की मजबूत सरकार बनानी होगी और वे आज चंडीगढ़ की धरती पर उस विजय का बीज बोकर जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान चंडीगढ़ के प्रशासक व पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने भी गृह मंत्री की मौजूदगी का स्वागत किया और चंडीगढ़, पंजाब व हरियाणा के स्थापना दिवस के पावन अवसर पर तीनों राज्यों के नागरिकों को हार्दिक बधाई दी।