पंजाब में अमित शाह की अचानक एंट्री, नशा तस्करों की उड़ी नींद
पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य में नशे के गंभीर मुद्दे पर सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 20 अक्टूबर को पंजाब के एक दिवसीय दौरे पर पहुंच रहे हैं। अपने इस अहम दौरे के दौरान गृह मंत्री राज्य के तीन अलग-अलग जिलों—मानसा, गुरदासपुर और संगरूर—में जाकर उन परिवारों से मिलेंगे, जिन्होंने नशा माफिया और नशे के दंश के चलते अपने स्वजनों को खोया है। रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने अमित शाह के इस दौरे की विस्तृत रूपरेखा साझा की।
विक्रमजीत सिंह के परिजनों से मिलेंगे शाह
अमित शाह के तय कार्यक्रम के अनुसार, वह मानसा पहुंचकर नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना देंगे। ज्ञात हो कि 13 अक्टूबर को मानसा में नशीली दवाओं की बिक्री का विरोध करने पर एक मेडिकल स्टोर संचालक ने झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद गृह मंत्री गुरदासपुर के श्री हरगोबिंदपुर साहिब क्षेत्र स्थित माड़ी पन्नवां गांव जाएंगे, जहां 15 अक्टूबर की रात ड्रग्स तस्करों का विरोध करने पर जान गंवाने वाले विक्रमजीत सिंह के परिजनों से मिलेंगे। अपने दौरे के अंतिम चरण में वह संगरूर पहुंचकर गुलजार सिंह के परिवार से भेंट करेंगे, जिन्होंने 8 सितंबर को गांव में चिट्टा (सिंथेटिक ड्रग्स) बिकने की शिकायत मंत्री हरपाल सिंह चीमा से करने और बाद में मिली कथित धमकियों के चलते कीटनाशक खाकर जान दे दी थी।
लगभग एक महीने के भीतर केंद्रीय गृह मंत्री का पंजाब में यह दूसरा बड़ा दौरा है। इससे पहले 30 सितंबर को वह जालंधर में भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन समारोह में शामिल हुए थे। राज्य में विधानसभा चुनाव में महज तीन महीने का वक्त बाकी है, ऐसे में भाजपा ने ड्रग्स और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को अपने चुनावी एजेंडे के केंद्र में ला खड़ा किया है।
अमित शाह पहले ही सार्वजनिक मंचों से यह वादा कर चुके हैं कि पंजाब में भाजपा की सरकार बनते ही 31 दिसंबर 2029 तक राज्य को पूरी तरह नशामुक्त कर दिया जाएगा। हाल ही में परविंदर सिंह झोटा की हत्या पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी संकल्प दोहराया था कि राज्य को गैंगस्टर और नशा माफिया से मुक्त कराना ही उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है, ताकि युवाओं के भविष्य की रक्षा की जा सके। गृह मंत्री का यह दौरा जमीनी स्तर पर पंजाब की जनता के बीच कड़ा संदेश देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।