पंजाब सरकार को बड़ा झटका मनी लॉन्ड्रिंग केस में मंत्री संजीव अरोड़ा भेजे गए 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में

पंजाब सरकार को बड़ा झटका मनी लॉन्ड्रिंग केस में मंत्री संजीव अरोड़ा भेजे गए 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में

पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ₹100 करोड़ के कथित मनी लॉन्ड्रिंग और बड़े जीएसटी (GST) घोटाले से जुड़े एक मामले में सोमवार को गुरुग्राम की एक विशेष अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेज दिया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दो दिनों की विस्तारित रिमांड अवधि पूरी होने के बाद 62 वर्षीय मंत्री को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें एक जून तक के लिए सलाखों के पीछे भेजने का आदेश सुनाया गया।

1 जून तक भोंडसी जेल में रहेंगे आप मंत्री संजीव अरोड़ा

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय की उस दलील को स्वीकार कर लिया, जिसमें जांच लंबित होने और आरोपी द्वारा गवाहों या सबूतों को प्रभावित किए जाने की आशंका जताई गई थी। इसके बाद अदालत ने संजीव अरोड़ा को 1 जून 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया। कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें गुरुग्राम की हाई-सिक्योरिटी वाली भोंडसी जेल ले जाया गया। सुनवाई के दौरान मंत्री के वकील ने कोर्ट से अपील की कि उनके मुवक्किल 'डायबिटीज ग्रेड-2' के मरीज हैं, इसलिए उन्हें जेल में जरूरी दवाएं और ग्लूकोज लेवल मॉनिटरिंग डिवाइस रखने की अनुमति दी जाए, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

क्या है ₹100 करोड़ का मोबाइल फोन GST घोटाला?

यह पूरा मामला मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री में हुए बड़े फर्जीवाड़े और टैक्स चोरी से जुड़ा हुआ है। ईडी का आरोप है कि संजीव अरोड़ा के पिछले कार्यकाल के दौरान 'हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड' (HSRL) नामक कंपनी और उससे जुड़ी कई फर्जी शेल कंपनियों के जरिए दिल्ली और अन्य जगहों पर बोगस इनवॉइस (फर्जी बिल) तैयार किए गए। इसके जरिए सरकार से ₹100 करोड़ से अधिक का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम किया गया। ईडी का यह भी दावा है कि इन पैसों को बाद में दुबई एक्सपोर्ट दिखाकर राउंड-ट्रिपिंग के जरिए वापस भारत में व्हाइट मनी के रूप में रूट किया गया और गुरुग्राम में करोड़ों की बेनामी संपत्तियां खरीदी गईं।

9 मई को चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास से हुए थे गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में लंबी जांच और छापेमारी के बाद 9 मई 2026 को संजीव अरोड़ा को चंडीगढ़ स्थित उनके आधिकारिक सरकारी आवास से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें गुरुग्राम की विशेष पीएमएलए (PMLA) कोर्ट में पेश कर पहले 7 दिनों की और फिर दो दिनों की ईडी कस्टडी में भेजा गया था। मंत्री के वकील अर्जुन दीवान ने इन आरोपों को पूरी तरह राजनीति से प्रेरित और बेबुनियाद बताया है। उनका दावा है कि इस मामले में कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं और इस कार्रवाई के खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है।

पंजाब की राजनीति में गरमाया भ्रष्टाचार का मुद्दा

इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद पंजाब से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में उबाल आ गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED-CBI) का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अन्य विपक्षी दलों ने पंजाब सरकार को घेरते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली 'आप' सरकार का असली चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है और उन्हें तुरंत संजीव अरोड़ा का इस्तीफा लेना चाहिए।

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