चंडीगढ़-लुधियाना में CBI की बड़ी रेड: 504 करोड़ के बैंकिंग घोटाले में फंसे स्मार्ट सिटी के अफसर और बैंक अधिकारी
केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ और पंजाब के लुधियाना में उस समय हड़कंप मच गया जब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की टीमों ने एक साथ 5 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (CSCL) और नगर निगम चंडीगढ़ के सरकारी खातों में हुए करोड़ों रुपये के गबन और बैंकिंग फर्जीवाड़े की जांच के तहत की गई है। सीबीआई की इस अचानक हुई कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों और बैंकिंग क्षेत्र में खलबली मच गई है।
डिजिटल एविडेंस और शेल कंपनियों के जाल का पर्दाफाश
तलाशी अभियान के दौरान सीबीआई की टीमों ने संदिग्धों के आवासीय और व्यावसायिक परिसरों को खंगाला। इस दौरान एजेंसी ने डिजिटल साक्ष्य, वित्तीय अभिलेख, प्रॉपर्टी के दस्तावेज, डिजिटल सिग्नेचर, स्टोरेज ड्राइव और कई हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। सीबीआई के अधिकारियों के अनुसार, मुख्य रूप से आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC FIRST Bank) में मौजूद चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और नगर निगम के खातों से फंड के दुरुपयोग की जांच की जा रही है। जांच की आंच CSCL के अधिकारी अनुभव मिश्रा, उनके सहयोगियों और कई निजी संस्थाओं तक पहुँच चुकी है।
504 करोड़ रुपये का महाघोटाला: जानिए क्या है पूरा मामला
सीबीआई की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ सेक्टर-32 शाखा से जुड़े 504 करोड़ रुपये के बड़े बैंकिंग घोटाले का हिस्सा है। आरोप है कि हरियाणा सरकार के 8 विभिन्न विभागों के लगभग 504 करोड़ रुपये के सरकारी फंड को फर्जी एफडी (Fixed Deposit) और धोखाधड़ीपूर्ण डेबिट ट्रांजैक्शन के जरिए निकाला गया। इसके बाद इस भारी-भरकम रकम को शेल (फर्जी) कंपनियों के नेटवर्क के जरिए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।
हरियाणा सरकार की सिफारिश पर CBI ने संभाली कमान
शुरुआत में इस मामले की जांच राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कर रहा था, लेकिन घोटाले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा सरकार ने इसे सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया। सीबीआई ने कमान संभालते ही जांच तेज कर दी है। हरियाणा से जुड़े इस मामले में एजेंसी अब तक 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इन आरोपियों में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के 3 लोक सेवक, 2 कंपनियां और 6 निजी व्यक्ति शामिल हैं।