पंजाब के पूर्व DGP मोहम्मद मुस्तफा को सता रहा जान का खतरा: परिवार सहित मिलीं धमकियां, SIT जांच की उठाई मांग
पंजाब पुलिस के पूर्व महानिदेशक (डीजीपी) मोहम्मद मुस्तफा ने खुद और अपने परिवार की जान पर गंभीर खतरा जताते हुए पुलिस के शीर्ष अधिकारियों को औपचारिक शिकायत सौंपी है। पूर्व डीजीपी ने मलेरकोटला निवासी एक व्यक्ति पर आपराधिक साजिश रचने, गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देने और छवि खराब करने के इरादे से मानहानि करने के संगीन आरोप लगाए हैं। मामले की संवेदनशीलता और खतरे की गंभीरता को देखते हुए मुस्तफा ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने की पुरजोर मांग की है।
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस महकमा पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मलेरकोटला के एसएसपी हरकमल प्रीत सिंह की सीधी निगरानी में थाना सिटी-1 की पुलिस टीम ने मामले की गहन पड़ताल शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि धमकियों के पीछे की असली वजह और इसके तार कहां जुड़े हैं, यह जांच पूरी होने और तकनीकी साक्ष्यों की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पंजाब में आतंकवाद के दौर के दौरान पुलिस सेवा में सक्रिय भूमिका निभाने वाले पूर्व डीजीपी का परिवार बीते साल अक्टूबर 2025 में उस वक्त सुर्खियों में आया था, जब पंचकूला स्थित आवास पर उनके बेटे अकील अख्तर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मलेरकोटला निवासी शमशुद्दीन चौधरी ने पंचकूला पुलिस को शिकायत सौंपी थी।
इसके बाद अप्रैल 2026 में भी मोहम्मद मुस्तफा की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर मलेरकोटला पुलिस ने कथित मानहानि का मामला दर्ज किया था। अब ताजा शिकायत में उन्होंने जान-माल के खतरे का दायरा बढ़ने की बात कहते हुए उच्चस्तरीय दखल की अपील की है। एसआईटी गठन की मांग के बीच पुलिस टीम दोनों पक्षों के पुराने विवादों, उपलब्ध कॉल डिटेल्स और अन्य साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण कर रही है ताकि आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई तय की जा सके।