पंजाब में ईंधन की कीमतों पर भड़की आप केंद्र की बीजेपी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
देश में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में हुई हालिया बढ़ोतरी के बाद पंजाब की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) ने ईंधन के दामों में हुए इस इजाफे को लेकर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के खिलाफ चौतरफा हमला बोल दिया है। जालंधर, लुधियाना, अमृतसर और पटियाला सहित पूरे पंजाब में 'आप' कार्यकर्ताओं और बड़े नेताओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने इसे देश की आम जनता, मध्यम वर्ग और विशेष रूप से पंजाब के अन्नदाताओं (किसानों) पर एक बड़ा वित्तीय हमला करार दिया है।
टोकन एमएसपी (MSP) देकर अगले ही दिन कर दी बड़ी 'लूट'
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और 'आप' पंजाब के मुख्य प्रवक्ता व विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने दो दिन पहले धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में महज 72 पैसे प्रति किलोग्राम (₹72 प्रति क्विंटल) की मामूली बढ़ोतरी कर किसानों को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन उसके ठीक अगले ही दिन डीजल की कीमतों में ₹3.11 प्रति लीटर का भारी इजाफा कर किसानों की जेब पर डाका डाल दिया। चीमा ने इसे "किसानों की आय दोगुनी करने के वादे के नाम पर उनके साथ किया गया क्रूर मजाक" बताया।
धान की बुआई के समय डीजल महंगा होना किसानों के लिए बड़ी आफत
कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने इस बढ़ोतरी के समय (Timing) पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि देश और विशेष रूप से पंजाब में धान (Paddy) के सीजन की तैयारियां जोरों पर हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने किसानों के लिए नहरों के पानी की व्यवस्था की है और 1 जून से राज्य में धान की रोपाई पूरे शबाब पर होगी। ऐसे नाजुक समय में, जब किसान गेहूं की कटाई के बाद खेतों को अगली फसल के लिए तैयार करने में दिन-रात ट्रैक्टर चला रहे हैं, डीजल महंगा करना पंजाब के कृषि क्षेत्र की कमर तोड़ने जैसा है।
रूसी तेल नीति को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 'आप' नेताओं ने केंद्र सरकार की विदेश और व्यापार नीति की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत का पुराना मित्र देश रूस बेहद किफायती दरों (35 से 50 डॉलर प्रति बैरल) पर कच्चे तेल की आपूर्ति करने के लिए तैयार था, जिसका फायदा चीन आज भी उठा रहा है। लेकिन मोदी सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय दबाव में आकर रूसी तेल की खरीद को कम कर दिया, जिसका खामियाजा आज देश की आम जनता को महंगे ईंधन और रिकॉर्ड तोड़ महंगाई के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
सड़कों से लेकर संसद तक आंदोलन तेज करने की चेतावनी
पटियाला में जिला योजना समिति के अध्यक्ष तेजिंदर मेहता और मेयर कुंदन गोगिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बढ़े हुए दामों को तुरंत वापस लेने की मांग की। लुधियाना और अमृतसर में भी 'आप' जिला अध्यक्षों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने इस जन-विरोधी फैसले को तुरंत वापस (Rollback) नहीं लिया, तो आम आदमी पार्टी जनता की आवाज को सड़कों से लेकर संसद तक ले जाएगी और इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।