पूर्व DIG भुल्लर केस में ED का बड़ा एक्शन, 18 सितंबर को सामने आएगा कथित बिचौलिया
पंजाब पुलिस के पूर्व उप महानिरीक्षक (DIG) हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े हाई-प्रोफाइल रिश्वतखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच तेज कर दी है।
केंद्रीय जांच एजेंसी अब इस पूरे प्रकरण में कथित बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले कृष्णु शारदा से हिरासत में पूछताछ करने की तैयारी में है। ईडी द्वारा विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) अदालत में दायर अर्जी पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने शारदा के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी करने का आदेश दे दिया है। अदालत के निर्देशानुसार आरोपी को 18 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से विशेष अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
बुड़ैल जेल में बंद है कथित बिचौलिया, जेल अधीक्षक को दिए गए पेशी के निर्देश
वर्तमान में आरोपित कृष्णु शारदा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की मॉडल जेल (बुड़ैल) में न्यायिक हिरासत में बंद है। विशेष अदालत ने जेल प्रशासन और अधीक्षक को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि तय तिथि यानी 18 सितंबर को शारदा की अदालत में सदेह पेशी सुनिश्चित की जाए, ताकि जांच एजेंसी पूछताछ की अनुमति से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया को पूरा कर सके। यह समूचा घटनाक्रम पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज किए गए भ्रष्टाचार के मुकदमे से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।
रोपड़ रेंज में तैनाती के दौरान रिश्वत मांगने का आरोप, सरहिंद थाने से जुड़े तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के मुताबिक यह मामला उस समय का है जब हरचरण सिंह भुल्लर पंजाब के रोपड़ रेंज के डीआईजी पद पर तैनात थे। मामले के शिकायतकर्ता आकाश बट्टा ने जांच एजेंसियों को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि सरहिंद थाने में उसके खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी (FIR) में पक्ष में कार्रवाई करने और उसके व्यापारिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने के एवज में मोटी रिश्वत की मांग की गई थी। जांच में सामने आया कि रिश्वत की यह रकम कथित तौर पर कृष्णु शारदा के माध्यम से ही मांगी और वसूली जा रही थी।
5 लाख रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तारी और सीबीआई कोर्ट में तय हो चुके हैं आरोप
सीबीआई के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, 16 अक्टूबर 2025 को एक योजनाबद्ध ट्रैप के दौरान कृष्णु शारदा को चंडीगढ़ में शिकायतकर्ता से 5 लाख रुपये की नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा गया था। एजेंसी का दावा था कि पकड़ी गई यह राशि मांगी गई कुल घूस की एक अग्रिम किस्त थी। इसके बाद भुल्लर और शारदा दोनों को नामजद कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। जुलाई 2026 में विशेष सीबीआई अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पूर्व डीआईजी भुल्लर और कथित बिचौलिए शारदा के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए थे, जिसके बाद दोनों आरोपियों ने अपने बचाव में कानूनी पक्ष प्रस्तुत किया है।
अप्रैल में हुई थी छापेमारी, अब वित्तीय लेन-देन के राज उगलेगा शारदा
मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का पहलू सामने आने के बाद ईडी ने अप्रैल 2026 में पूर्व डीआईजी भुल्लर और उनके करीबियों से जुड़े पंजाब व चंडीगढ़ के कई ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया था। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और संपत्तियों के ब्योरे जुटाए गए थे। अब ईडी शारदा को रिमांड पर लेकर पूछताछ करना चाहती है ताकि घूस के पैसों की ट्रेल, हवाला नेटवर्क, बैंक खातों के लेन-देन और इसमें शामिल अन्य रसूखदारों की भूमिका का पर्दाफाश किया जा सके। अदालत के आदेश के बाद 18 सितंबर की तारीख इस मामले में बेहद निर्णायक मानी जा रही है।