ड्रोन से आए हथियार, जेल से हो रही थी सप्लाई! पंजाब पुलिस ने पकड़े 2 तस्कर
पंजाब में सीमा पार से संचालित होने वाले अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ फरीदकोट पुलिस को एक बड़ी और महत्वपूर्ण कामयाबी हासिल हुई है। पुलिस टीम ने जेल की चारदीवारी के भीतर से चलाए जा रहे एक अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो सक्रिय गुर्गों को रंगे हाथों धर दबोचा है।
पकड़े गए तस्करों के कब्जे से सुरक्षा एजेंसियों ने 10 अवैध अत्याधुनिक पिस्तौल और 20 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह गिरोह पाकिस्तान में बैठे तस्करों के साथ सीधे संपर्क में था और ड्रोन के जरिए सरहद पार से गिराए गए हथियारों की खेप को पंजाब के विभिन्न जिलों में सप्लाई करने की फिराक में था।
कोटकपूरा रोड नहर पुल पर सीआईए स्टाफ की नाकाबंदी, दो संदिग्ध दबोचे
फरीदकोट पुलिस प्रवक्ता के अनुसार सीआईए स्टाफ को पुख्ता खुफिया इनपुट मिला था कि सेंट्रल मॉडर्न जेल के नजदीक तलवंडी भाई रोड पर दो संदिग्ध भारी मात्रा में गोला-बारूद लेकर किसी बड़ी वारदात या डिलीवरी के इरादे से घूम रहे हैं।
सूचना मिलते ही सीआईए स्टाफ की विशेष टीम ने कोटकपूरा रोड स्थित नहर पुल के पास सघन नाकाबंदी शुरू की। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने 21 वर्षीय राजबीर सिंह उर्फ अमित और 25 वर्षीय अमर सिंह उर्फ अमर को घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। दोनों आरोपी अमृतसर जिले के छेहरटा क्षेत्र अंतर्गत बाबा दीप सिंह कॉलोनी, सन्न साहिब रोड के निवासी हैं।
जिगाना और पीएक्स-5 स्टॉर्म जैसी विदेशी पिस्तौलों का जखीरा बरामद
आरोपियों की तलाशी लेने पर पुलिस टीम दंग रह गई। उनके बैग और सामान से तुर्की निर्मित तीन .30 बोर जिगाना (Zigana) पिस्तौल, एक अत्याधुनिक .30 बोर पीएक्स-5 स्टॉर्म पिस्तौल, दो देसी .32 बोर पिस्तौल और चार देसी .30 बोर पिस्तौल बरामद की गईं। इसके साथ ही मौके से 20 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं। विदेशी हथियारों की मौजूदगी इस बात की तस्दीक करती है कि गिरोह बेहद संगठित और खतरनाक स्तर पर काम कर रहा था।
जेल में बंद दीप सिंह उर्फ दीपक कर रहा था नेटवर्क का संचालन
प्रारंभिक पुलिस पूछताछ और तकनीकी जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इस पूरे मॉड्यूल का रिमोट कंट्रोल अमृतसर के अटारी इलाके के रौनवाली निवासी दीप सिंह उर्फ दीपक के हाथ में था। दीपक वर्तमान में जेल में बंद है और वहीं से मोबाइल नेटवर्क या संदेशवाहकों के जरिए इस तस्करी सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहा था। जांच अधिकारियों के मुताबिक यह गिरोह पाकिस्तानी हैंडलर्स और हथियार तस्करों से जुड़ा हुआ था, जिन्होंने सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन ड्रॉपिंग के जरिए हथियारों का यह कंसाइनमेंट भारत भेजा था। इन हथियारों को फरीदकोट सहित मालवा क्षेत्र के विभिन्न आपराधिक तत्वों तक पहुंचाने की साजिश रची गई थी।
आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, पाकिस्तान कनेक्शन और लोकल लिंक्स की जांच तेज
इस बड़ी बरामदगी के बाद फरीदकोट सिटी थाने में आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब गिरफ्तार दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों की अंतिम डिलीवरी किसे दी जानी थी। साथ ही जेल में बंद मास्टरमाइंड दीप सिंह को भी प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी, ताकि राज्य में सक्रिय इस ड्रोन स्मगलिंग चेन और स्थानीय मददगारों की पूरी कड़ी को तोड़ा जा सके।