7 हफ्ते की प्रेग्नेंट थीं मनजीत कौर, फिर जिंदा जलाने की खौफनाक वारदात; अब हुआ नया खुलासा
चंडीगढ़ और पंजाब को दहला देने वाले खौफनाक मामले में 54 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर की शनिवार को पीजीआई (PGI) चंडीगढ़ में दर्दनाक मौत हो गई।
डॉक्टरों और पुलिस के अनुसार, पीड़िता 7 सप्ताह की गर्भवती थी। पहले पति से तलाक के बाद मनजीत का 7 साल का बेटा अपने पिता के साथ रहता था, जबकि मनजीत अपने लिव-इन पार्टनर के साथ रह रही थी।
शराब ठेके के पास से किया था अगवा, मोरिंडा ले जाकर पेड़ से बांधा
पुलिस जांच के अनुसार, रूह कंपा देने वाली यह वारदात 3 जुलाई को हुई थी। मुख्य आरोपी लिव-इन पार्टनर और उसके साथी (जिनकी पहचान शुभी और पिंडा के रूप में हुई है) ने मनजीत को मिलने के बहाने एक शराब की दुकान के पास बुलाया। वहां पहुंचते ही दोनों आरोपियों ने जबरन मनजीत को कार में खींच लिया और मोरिंडा के एक सुनसान इलाके में ले गए। वहां आरोपियों ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए गर्भवती मनजीत को शहतूत के पेड़ से बांध दिया, बेरहमी से पीटा और फिर पेट्रोल छिड़ककर जिंदा आग लगा दी।
दोस्त ने लपटें देख अस्पताल पहुंचाया, 54 दिनों तक चला इलाज
आग की लपटें और चीख-पुकार सुनकर मनजीत की एक सहेली मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से झुलसी हुई हालत में उसे तुरंत मोरिंडा के नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने मनजीत को मोहाली के मैक्स अस्पताल रेफर किया, जहां से बाद में अत्यंत नाजुक स्थिति के चलते उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ शिफ्ट कर दिया गया। 54 दिनों तक वेंटीलेटर और बर्न वार्ड में मौत से लड़ने के बाद आखिरकार शनिवार को पीड़िता ने अंतिम सांस ली।
अपहरण और हत्या का मामला दर्ज, आरोपियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी
खरड़ सदर थाने के एसएचओ (SHO) गुरप्रीत सिंह ने बताया कि मनजीत कौर का शरीर बुरी तरह से जल चुका था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची थी और चंडीगढ़ के सेक्टर 34 में रहने वाले मृतका के परिजनों के बयान दर्ज किए थे। पुलिस ने मृतका के परिवार की शिकायत पर दोनों नामजद आरोपियों—शुभी और पिंडा—के खिलाफ अपहरण और हत्या समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन कर दबिश दी जा रही है।