ऊना: डेरा बाबा बड़भाग सिंह की पवित्र नगरी में स्वच्छता व्यवस्था ध्वस्त, मैड़ी बाजार में जगह-जगह पसरी गंदगी से श्रद्धालु परेशान
हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के ऊना (Una) जिले के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल डेरा बाबा बड़भाग सिंह, मैड़ी (Dera Baba Vadbhag Singh, Mairi) से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। देश और दुनिया भर के लाखों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के केंद्र इस पवित्र परिसर के बाहरी क्षेत्रों और स्थानीय मैड़ी बाजार में इन दिनों स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह से भगवान भरोसे है। आस्था की इस नगरी में जगह-जगह लगे कूड़े-कचरे के ढेर, बजबजाती नालियां और खुले में बिखरी गंदगी के कारण यहां आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय दुकानदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि डेरा परिसर के भीतर तो सफाई व्यवस्था काफी हद तक ठीक है, लेकिन ठीक उसके बाहर मैड़ी बाजार के मुख्य रास्तों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
बारिश ने बढ़ाई आफत, नालियां ओवरफ्लो होने से रास्तों पर फैल रहा कीचड़
स्थानीय लोगों और दुकानदारों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से हो रही मानसूनी बारिश के कारण स्थिति और ज्यादा नारकीय हो गई है। मैड़ी बाजार की नालियां पूरी तरह से प्लास्टिक की बोतलों, दोने-पत्तल और अन्य अपशिष्ट पदार्थों से अटी पड़ी हैं। इसके चलते बारिश का गंदा पानी सड़कों और रास्तों पर बह रहा है, जिससे राहगीरों को पैदल चलने में भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। धार्मिक नगरी में चारों तरफ फैली इस अव्यवस्था और बदबू के कारण महामारी और संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी लगातार मंडरा रहा है।
डेरा परिसर के अंदर और बाहर की व्यवस्था में जमीन-आसमान का अंतर
दुकानदारों और स्थानीय जनता का रोष: मैड़ी बाजार के व्यापारियों का कहना है कि जहां एक तरफ मुख्य डेरा प्रबंधन अपने परिसर के भीतर साफ-सफाई के पर्याप्त और पुख्ता इंतजाम रखता है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय पंचायत और प्रशासन बाजार क्षेत्र की सफाई को लेकर पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। दुकानदारों का आरोप है कि यहां कूड़ा-कचरा फेंकने के लिए पर्याप्त डस्टबिन नहीं हैं, जिसके कारण लोग और व्यापारी विवश होकर खुले में ही कचरा फेंक रहे हैं।
होला मोहल्ला मेले में आते हैं लाखों भक्त, अव्यवस्था से खराब हो रही छवि
गौरतलब है कि डेरा बाबा बड़भाग सिंह मैड़ी में हर साल प्रसिद्ध होला मोहल्ला मेले का आयोजन होता है, जिसमें पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर समेत पूरे उत्तर भारत से लाखों की तादाद में श्रद्धालु माथा टेकने और पवित्र चरणगंगा में स्नान करने पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में जुटने वाली संगतों के बावजूद, मेले के इतर सामान्य दिनों में बुनियादी सफाई व्यवस्था का इस तरह लचर होना देवभूमि हिमाचल प्रदेश के पर्यटन और धार्मिक पर्यटन की छवि को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है।
स्थानीय प्रशासन और पंचायत से तुरंत हस्तक्षेप की मांग
बढ़ती गंदगी और जन आक्रोश को देखते हुए स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन ऊना, संबंधित ब्लॉक विकास समिति (BDS) और स्थानीय ग्राम पंचायत से तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों की मांग है कि बाजार क्षेत्र में नियमित रूप से सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जाए, नालियों की तुरंत मशीन से उघाई (सफाई) करवाई जाए और कूड़ा उठाने के लिए कड़े नियम लागू किए जाएं। जब तक प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेकर धरातल पर काम नहीं करता, तब तक बाबा बड़भाग सिंह की इस पावन नगरी को गंदगी के इस ग्रहण से मुक्ति मिलना नामुमकिन नजर आ रहा है।