चंडीगढ़ में सनसनीखेज वारदात! जूस पिलाने के बहाने 10 साल के मासूम का अपहरण, हरिद्वार ले जाकर कटवाए बाल और मंगवाई भीख
पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ के बुड़ैल इलाके से एक ऐसी हैरान करने वाली वारदात सामने आई है, जिसने बच्चों की सुरक्षा को लेकर हर माता-पिता को खौफ में डाल दिया है। यहां महज 15 साल की एक नाबालिग लड़की ने अपने ही पड़ोस में रहने वाले 10 साल के एक मासूम बच्चे को अपना शिकार बनाया। वह बच्चे को बहला-फुसलाकर और जूस पिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गई। इसके बाद जो कुछ हुआ, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। लड़की उस मासूम को सीधे धार्मिक नगरी हरिद्वार ले गई, जहां उसे एक महिला के सुपुर्द कर जबरन सड़कों पर भीख मांगने के दलदल में धकेल दिया गया।
जबरन सिगरेट पिलाकर किया बेहोश, फिर ट्रेन से पहुंचीं हरिद्वार
पीड़ित बच्चे ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाते हुए जो खुलासे किए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। बच्चे ने बताया कि पड़ोस में रहने वाली एक 'दीदी' उसे जूस पिलाने के बहाने सुनसान जगह पर ले गई थी। वहां लड़की ने उसे जबरदस्ती सिगरेट पिलाई, जिसके बाद वह अचेत हो गया। जब उसे होश आया, तो वह खुद को एक चलती ट्रेन में पाया। डरे-सहमे मासूम ने जब वहां से भागने की कोशिश की, तो आरोपी लड़की ने उसे जान से मारने की खौफनाक धमकी देकर चुप करा दिया। इसके बाद वह उसे हरिद्वार ले गई और वहां एक अज्ञात महिला के हवाले कर दिया।
पहचान छिपाने के लिए काटे बाल, लंगर के भरोसे रखा और दिनभर मंगवाई भीख
हरिद्वार पहुंचने के बाद मासूम बच्चे पर जुल्मों का दौर शुरू हो गया। कोई उसे पहचान न सके, इसके लिए सबसे पहले उसके सिर के बाल कटवाकर उसका हुलिया बदल दिया गया। बच्चे के मुताबिक, उसे दिनभर डरा-धमका कर और भूखा रखने का डर दिखाकर घाटों और बाजारों में भीख मांगने के लिए मजबूर किया जाता था। उसे खाने के नाम पर सिर्फ लंगर में ले जाया जाता था, जहां वह पेट भरता था। इस दौरान उस पर कड़ी नजर रखी जाती थी ताकि वह किसी से मदद न मांग सके।
हार नहीं मानने वाले पिता की खोज रंग लाई, हरिद्वार के घाट पर सोता मिला बेटा
बच्चे के अचानक गायब होने के बाद चंडीगढ़ में रह रहे उसके पिता और मासी ने हिम्मत नहीं हारी। पुलिस की कार्रवाई के भरोसे बैठने के बजाय दोनों खुद ही सुराग जुटाते हुए हरिद्वार पहुंच गए। दोनों ने दिन-रात एक करके हरिद्वार के तमाम घाटों, गलियों और बाजारों की खाक छानी। वे रात-रात भर सड़कों पर सो रहे बच्चों के चेहरे देख-देखकर अपने लाडले को ढूंढते रहे। आखिरकार एक सुबह उनकी तपस्या रंग लाई, जब उन्हें उनका बेटा दो अन्य बच्चों के साथ जमीन पर सोया हुआ मिल गया। पिता को देखते ही मासूम बच्चा उनसे लिपट गया और फूट-फूट कर रोने लगा।
आरोपी लड़की चंडीगढ़ लौटते ही गिरफ्तार, किसी बड़े गिरोह का शक
इस बीच, मामले में एक नया मोड़ तब आया जब पुलिस को पता चला कि आरोपी लड़की हरिद्वार में जिस महिला को बच्चा सौंप कर आई थी, उसी के साथ विश्वासघात कर बैठी। वह 27 मई को उस महिला का मोबाइल फोन और 7 हजार रुपये नकद चोरी करके अकेले चंडीगढ़ लौट आई थी। जैसे ही वह बुड़ैल पहुंची, पहले से मुस्तैद चंडीगढ़ पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। शनिवार शाम को बच्चे को भी सकुशल रेस्क्यू कर चंडीगढ़ वापस लाया गया है। पुलिस ने आरोपी नाबालिग लड़की के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब गहनता से पूछताछ कर रही है कि इस घिनौने कृत्य के पीछे कहीं अंतरराज्यीय बच्चा चोर या भिखारी गिरोह का हाथ तो नहीं है।