जिस बाइक को समझकर रोका था मामूली गलती पर, उसी पर निकले 113 चालान!

जिस बाइक को समझकर रोका था मामूली गलती पर, उसी पर निकले 113 चालान!

ट्रैफिक चालान को नजरअंदाज करना वाहन मालिक के लिए भारी पड़ सकता है। गुरुग्राम में सामने आया एक मामला इसका बड़ा उदाहरण है। एमडीआई चौक पर ट्रैफिक पुलिस की जांच के दौरान एक बाइक सवार पकड़ा गया। जब पुलिस ने बाइक का रिकॉर्ड ऑनलाइन सिस्टम में चेक किया तो उसके पुराने चालानों की लंबी सूची सामने आ गई।

इस मोटरसाइकल पर कुल 113 चालान लंबित थे। इन सभी की बकाया रकम करीब 10.68 लाख रुपये पहुंच चुकी थी। मौजूदा कार्रवाई के दौरान बाइक सवार हेलमेट के बिना था। वह बाइक से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी पुलिस को नहीं दिखा सका।

चेकिंग के दौरान सामने आया पूरा रिकॉर्ड

गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस एमडीआई चौक पर वाहनों की नियमित जांच कर रही थी। इसी दौरान बिना हेलमेट बाइक चला रहे व्यक्ति को रोका गया।

दस्तावेज मांगे जाने पर वह जरूरी कागजात पेश नहीं कर पाया। इसके बाद पुलिस ने बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर अपने सिस्टम में जांचा। रिकॉर्ड सामने आते ही पता चला कि वाहन पर पहले से 113 चालान दर्ज हैं।

इन चालानों की कुल रकम ₹10.68 लाख थी। यानी मामला केवल उस दिन के ट्रैफिक उल्लंघन तक सीमित नहीं था। लंबे समय से जमा नहीं किए गए चालानों की रकम लगातार बढ़ती रही।

चालान सिर्फ पुलिस ने नहीं काटे थे

वाहन पर दर्ज चालान अलग-अलग ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े थे। इनमें सड़क पर पुलिस की जांच के दौरान जारी किए गए चालान भी शामिल थे।

इसके अलावा शहर में लगे CCTV कैमरों के जरिए नियम तोड़ने पर ऑटोमैटिक तरीके से बनाए गए ई-चालान भी रिकॉर्ड में थे। मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत अलग-अलग उल्लंघनों पर ये कार्रवाई की गई थी।

90 दिन पुराने चालान पर हो सकती है कार्रवाई

गुरुग्राम पुलिस लंबे समय से लंबित चालानों को लेकर कार्रवाई कर रही है। पुलिस के अनुसार 90 दिनों से अधिक समय तक बकाया रहने वाले चालान वाले वाहनों पर जब्ती की कार्रवाई की जा सकती है।

मामले में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 167(8) का हवाला दिया गया है। इसके तहत लंबे समय तक चालान का भुगतान नहीं होने पर वाहन को जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।

यार्ड में भेजी गई बाइक

पुलिस ने इस मामले में मोटरसाइकल को जब्त कर लिया है। बाइक को यार्ड में भेज दिया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक बकाया ₹10.68 लाख का भुगतान किए जाने के बाद ही वाहन को रिलीज किया जाएगा।

यह मामला उन लोगों के लिए भी चेतावनी है जो ई-चालान आने के बाद उसे लंबे समय तक नजरअंदाज करते रहते हैं। शुरुआत में छोटी रकम का चालान बाद में कई चालानों के जुड़ने से बड़ा आर्थिक बोझ बन सकता है।

वाहन मालिक क्या करें?

अगर आपकी कार या बाइक पर कोई ट्रैफिक चालान लंबित है तो उसे समय पर चेक करना जरूरी है। चालान की स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकती है। बकाया होने पर तय प्रक्रिया के तहत उसका भुगतान किया जा सकता है।

अगर किसी चालान का निपटारा लोक अदालत के जरिए संभव है तो वहां भी मामला सुलझाया जा सकता है। लंबे समय तक चालान लंबित रखने से बचना बेहतर है क्योंकि नियमों के तहत वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई की स्थिति बन सकती है।

गुरुग्राम का यह मामला साफ दिखाता है कि ट्रैफिक चालान को लगातार नजरअंदाज करना महंगा पड़ सकता है। 113 लंबित चालान और 10.68 लाख रुपये की रकम इस बात का बड़ा उदाहरण है।