अर्नब तूफान और पश्चिमी विक्षोभ का राजस्थान में 'कॉकटेल', जयपुर में झमाझम बारिश
राजस्थान के मौसम में एक बार फिर बेहद दुर्लभ और चौंकाने वाला बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसने पूरे प्रदेश के निवासियों को हैरान कर दिया है। भयंकर समुद्री चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) के प्रभाव और उत्तर भारत में अचानक सक्रिय हुए तीव्र पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के आपस में टकराने से राज्य में मौसम का एक खतरनाक और अनोखा 'कॉकटेल' तैयार हो गया है। इस दोहरे मौसमी तंत्र के कारण राजधानी जयपुर समेत जोधुपर, बीकानेर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग के दर्जनों जिलों में मूसलाधार बारिश, ओलावृष्टि और कड़ाके की तेज हवाओं ने हाहाकार मचा दिया है। गुलाबी नगरी जयपुर में सुबह से ही काली घटाओं ने डेरा डाल रखा है और कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हुई झमाझम बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जयपुर और आसपास के जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इस अप्रत्याशित मौसमी उथल-पुथल से जहाँ पारे में भारी गिरावट आने के कारण ठंड बढ़ गई है, वहीं कृषि से लेकर आम जनजीवन और यातायात पर इसका व्यापक असर साफ दिखाई दे रहा है।
कैसे बना तूफान 'अर्नब' और 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' का खतरनाक कॉकटेल? जानिए वैज्ञानिक वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उठे भयंकर चक्रवाती तूफान 'अर्नब' की नमी से भरी हवाएं तेजी से उत्तर-पश्चिमी भारत की तरफ बढ़ रही थीं। ठीक इसी समय हिमालयी क्षेत्रों से होकर गुजर रहे शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ ने राजस्थान के वायुमंडल में प्रवेश किया। जब चक्रवात 'अर्नब' की गर्म-नम हवाएं पश्चिमी विक्षोभ की ठंडी और बर्फीली हवाओं से टकराईं, तो थार के मरुस्थल के ऊपर एक अत्यंत शक्तिशाली चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बन गया। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक का कहना है कि दो विपरीत मौसमी तंत्रों का यह अनूठा संगम बहुत कम देखने को मिलता है। इस 'कॉकटेल' के कारण राज्य के ऊपर बादलों की बेहद घनी परत बन गई है, जिससे अचानक मूसलाधार बारिश, तीव्र आंधी-तूफान और राज्य के कई ग्रामीण इलाकों में भारी ओलावृष्टि देखने को मिल रही है।
गुलाबी नगरी जयपुर में झमाझम बारिश: जलमग्न हुई सड़कें, निचले इलाकों में घुसा पानी
राजधानी जयपुर की बात करें तो यहाँ तड़के से ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। परकोटा क्षेत्र, एमआई रोड, टोंक रोड, वैशाली नगर, मालवीय नगर और जगतपुरा सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश ने रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। कई व्यस्त चौराहों और निचले इलाकों में बारिश का पानी भर जाने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और ट्रैफिक पूरी तरह रेंगता नजर आया। बारिश के चलते जयपुर का अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे लुढ़क गया है, जिससे दिन में ही लोगों को गलन और कड़ाके की ठंड का अहसास होने लगा है। नगर निगम और आपदा प्रबंधन टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए शहर के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में अलर्ट मोड़ पर तैनात कर दिया गया है।
शेखावाटी और हाड़ौती अंचल में ओलावृष्टि का तांडव: फसलों को भारी नुकसान की आशंका
तूफान और पश्चिमी विक्षोभ का सबसे भीषण प्रभाव शेखावाटी क्षेत्र के सीकर, झुंझुनूं, चूरू और हाड़ौती के कोटा, बूंदी, झालावाड़ जिलों में देखने को मिल रहा है। इन क्षेत्रों में तेज गर्जना के साथ न केवल मूसलाधार बारिश हुई, बल्कि कई जगहों पर चने के आकार के ओले भी गिरे। खेतों में कटी पड़ी और खड़ी फसलों पर ओलावृष्टि की मार पड़ने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। सरसों, चना, गेहूं और जीरे की बोई गई फसलों में पानी भरने और ओले गिरने से बड़े पैमाने पर खराबे की आशंका जताई जा रही है। किसान संगठनों ने राज्य सरकार और कृषि विभाग से तुरंत नुकसान का आकलन कराने और विशेष गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की मांग की है।
बिजली व्यवस्था ठप और हवाई यातायात प्रभावित: प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
राज्य भर में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं तेज अंधड़ की हवाओं के कारण कई जिलों में बिजली के पोल और सौ साल पुराने पेड़ उखड़ कर सड़कों पर आ गिरे। इससे राज्य के सैकड़ों गांवों और शहरी इलाकों में घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके अतिरिक्त, जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कम विजिबिलिटी और खराब मौसम के चलते आधा दर्जन से अधिक उड़ानों (Flights) को डायवर्ट करना पड़ा और कई ट्रेनों का परिचालन भी अपने निर्धारित समय से देरी से हुआ। राजस्थान सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए अपील की है कि तेज बारिश और आंधी के दौरान कच्चे मकानों, टीन शेड और बड़े पेड़ों व बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें तथा बिना किसी अति-आवश्यक काम के घरों से बाहर निकलने से बचें।
आगे कैसा रहेगा मौसम? जानिए मौसम विभाग का आगामी 48 घंटों का पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा भविष्यवाणी के अनुसार, 'अर्नब' तूफान और पश्चिमी विक्षोभ का यह दोहरा असर अगले 48 घंटों तक राजस्थान के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में बना रह सकता है। पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अजमेर और कोटा संभागों में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की पूरी संभावना है। हालांकि, पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर में कल से बादलों की आवाजाही कम होगी और मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगेगा। इस तूफानी बारिश का दौर खत्म होने के तुरंत बाद पूरे प्रदेश में कड़ाके की शीतलहर (Cold Wave) चलने और घना कोहरा छाने का नया स्पेल शुरू होगा, जिससे आने वाले दिनों में राजस्थान की सर्दी अपने पूरे शबाब पर होगी।