राजस्थान में मानसून की 'विदाई बारिश' का दौर शुरू, जयपुर-अजमेर समेत 6 संभागों में भारी बारिश
राजस्थान में इस साल मानसून अब अपने अंतिम और निर्णायक पड़ाव पर पहुंच चुका है, लेकिन जाने से पहले बादलों का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह से आक्रामक हो गया है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में मानसूनी सीजन की आखिरी यानी 'विदाई बारिश' का दौर शुरू हो चुका है, जिसके तहत राजधानी जयपुर, अजमेर और कोटा सहित कुल 6 प्रमुख संभागों में झमाझम बारिश की चेतावनी दी गई है। कई जिलों में बीती रात से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम बेहद सुहावना हो गया है, वहीं लोगों को उमस भरी गर्मी से भी बड़ी राहत मिली है। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस, गूगल और बिंग एईओ (AEO), एसईओ (SEO), ज्योग्राफिकल लोकल ऑप्टिमाइजेशन (राजस्थान, भारत) और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह कड़ाई से पालन करते हुए, आइए राजस्थान के इस लेटेस्ट मौसम अपडेट और मानसून की विदाई की पूरी रिपोर्ट की गहराई से समीक्षा करते हैं।
राजस्थान के 6 संभागों में झमाझम बारिश और मेघगर्जन का अलर्ट: इन जिलों में बरसेंगे बदरा
मौसम केंद्र जयपुर से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार आज राज्य के बड़े हिस्से में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय बनी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में जयपुर, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के अधिकांश जिले शामिल हैं, जहां बादलों की आवाजाही के साथ-साथ गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। कुछ चुनिंदा इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) का भी खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने आम जनता और किसानों को सलाह दी है कि इस दौरान खुले खेतों में या पेड़ों के नीचे बिल्कुल शरण न लें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
अजमेर और सवाई माधोपुर में झमाझम बरसे बदरा: सड़कों पर बहने लगा पानी, तापमान में आई भारी गिरावट
बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में हुई ताबड़तोड़ बारिश ने मौसम का नक्शा ही बदलकर रख दिया है। खासकर अजमेर में सबसे अधिक करीब 4 इंच तक मूसलाधार बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण शहर के कई निचले इलाकों और सड़कों पर दरिया जैसा नजारा देखने को मिला। इसके अलावा सवाई माधोपुर में 3 इंच, जबकि राजधानी जयपुर, नागौर और दौसा के कई हिस्सों में 2 से ढाई इंच तक पानी बरसा है। इस अचानक हुई बारिश से तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लंबे समय से उमस से परेशान आम नागरिकों को चैन की सांस मिली है।
19 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान से शुरू होगी मानसून की आधिकारिक विदाई: जानिए आगे कैसा रहेगा मौसम
मौसम विज्ञानियों के विश्लेषण के मुताबिक, अब मानसून की विदाई के लिए मौसम की परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल होती जा रही हैं। आगामी 19 सितंबर के आसपास से पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती और छोर वाले इलाकों से मानसूनी हवाओं की वापसी का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इसके बाद 21 सितंबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह से शुष्क और साफ हो जाने का अनुमान जताया गया है। बारिश का दौर थमने के बाद धीरे-धीरे रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और राज्य में हल्की गुलाबी ठंड की दस्तक का अहसास होना शुरू हो जाएगा।
इस सीजन की कुल बारिश और जल स्रोतों की स्थिति: औसत से कम रहा आंकड़ा लेकिन अंतिम दौर ने दी राहत
यदि इस पूरे मानसूनी सीजन के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार राजस्थान में कुल बारिश का औसत सामान्य से थोड़ा पीछे यानी लगभग 26 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है। हालांकि, सितंबर के महीने में अचानक बंगाल की खाड़ी से उठे लो-प्रेशर सिस्टम और री-एक्टिवेट हुए मानसून तंत्र ने राज्य के बांधों, तालाबों और जलाशयों में पानी की आवक को काफी हद तक सुधार दिया है। गांधी सागर, राणा प्रताप सागर और कोटा बैराज जैसे बड़े बांधों में पर्याप्त जलस्तर पहुंचने से सिंचाई और पेयजल संकट की चिंता काफी हद तक कम हो गई है, जिससे किसानों और आम जनता दोनों के चेहरों पर संतोष साफ झलकता है।