जयपुर परकोटे के कानोता कॉम्प्लेक्स में भीषण आग: चार दुकानें जलकर खाक, 3 घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू

जयपुर परकोटे के कानोता कॉम्प्लेक्स में भीषण आग: चार दुकानें जलकर खाक, 3 घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू

राजधानी जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र में शनिवार रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब हल्दियों का रास्ता स्थित दड़ा मार्केट के कानोता कॉम्प्लेक्स में अचानक भीषण आग भड़क उठी। ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुई लपटों ने देखते ही देखते ऊपर की मंजिल को भी चपेट में ले लिया, जिससे नीचे और ऊपर की दो-दो दुकानें पूरी तरह जल गईं। दमकल विभाग की छह गाड़ियों ने संकरी गलियों के बीच करीब तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत कर देर रात 12 बजे के बाद आग पर नियंत्रण पाया। राहत की बात यह रही कि समय रहते किए गए प्रयासों से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

घटना शनिवार रात करीब नौ बजे की बताई जा रही है। प्रभावित दुकानें स्थानीय व्यापारी सुरेश इसरानी की हैं, जो दिवाली के सीजन के बीच रात करीब आठ बजे दुकानें बंद कर घर लौटे थे। उनके जाने के करीब एक घंटे बाद ही दुकानों से धुआं और लपटें उठने लगीं। कपड़ों का स्टॉक होने की वजह से आग ने बेहद तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया और ऊपर की दुकानों को भी अपनी जद में ले लिया।

हादसे की सूचना मिलते ही माणक चौक थाना पुलिस और दमकल कर्मी तुरंत हरकत में आए। परकोटे की तंग गलियों के कारण पहले बड़ी गाड़ियों को पहुंचने में भारी दिक्कत हुई, जिसके बाद मौके पर छोटी दमकल गाड़ियां मंगवाई गईं। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे बाजार को तत्काल बंद करा दिया गया और इलाके की बिजली सप्लाई काट दी गई। कॉम्प्लेक्स परिसर में दोपहिया वाहन और गैस सिलेंडर रखे होने के कारण एक बड़े धमाके का अंदेशा बना हुआ था, जिसे दमकलकर्मियों ने समय रहते टाल दिया।

घटनास्थल पर पहुंचे महापौर सुनील कोठारी ने स्थिति का जायजा लेते हुए बताया कि प्राथमिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रही है। कॉम्प्लेक्स की छत पट्टियों की बनी होने से आग ऊपर तेजी से फैली। उन्होंने साफ किया कि मामले की विस्तृत समीक्षा की जाएगी और यदि सुरक्षा मानकों में लापरवाही सामने आती है तो सख्त कार्रवाई होगी।

एडिशनल डीसीपी (नॉर्थ फर्स्ट) आलोक कुमार सिंघल के अनुसार सूचना मिलते ही बड़ी चौपड़ से गाड़ियां रवाना कर दी गई थीं और करीब तीन घंटे के भीतर हालात पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। तीन मंजिला इस कॉम्प्लेक्स में प्रत्येक तल पर 10 से 12 दुकानें संचालित हैं, जहां शुरुआती पड़ताल में फायर फाइटिंग सिस्टम के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले हैं। पुलिस और प्रशासन अब नुकसान के आकलन के साथ हादसे की मूल वजह की जांच कर रहा है।