राजस्थान पंचायत चुनाव से पहले BJP को बड़ा झटका: 5 विधानसभाओं के 400 से ज्यादा नेता व पूर्व अधिकारी कांग्रेस में शामिल

राजस्थान पंचायत चुनाव से पहले BJP को बड़ा झटका: 5 विधानसभाओं के 400 से ज्यादा नेता व पूर्व अधिकारी कांग्रेस में शामिल

राजस्थान में आगामी पंचायतीराज चुनावों से पहले सियासी बिसात बिछने लगी है। कांग्रेस ने विपक्षी खेमे में बड़ी सेंधमारी करते हुए भारतीय जनता पार्टी से जुड़े 400 से अधिक पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और पूर्व जनप्रतिनिधियों को अपनी पार्टी में शामिल करने का दावा किया है। राजधानी जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) मुख्यालय में आयोजित एक बड़े राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सभी नवागंतुकों को पार्टी का दुपट्टा पहनाकर विधिवत सदस्यता दिलाई। पंचायत चुनाव की चौखट पर हुए इस सामूहिक दलबदल को कांग्रेस जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने के बड़े मौके के रूप में देख रही है।

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के अनुसार, यह दलबदल मुख्य रूप से पूर्वी और मध्य राजस्थान के पांच प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों—कोटपूतली, सपोटरा, टोडाभीम, गंगापुरसिटी और लालसोट—से हुआ है। उन्होंने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर भाजपा की नीतियों से नाराज होकर कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का हाथ थामा है और आगामी पंचायत चुनावों में भाजपा का पूरी तरह सूपड़ा साफ हो जाएगा। डोटासरा ने यह भी रेखांकित किया कि पार्टी में केवल राजनीतिक कार्यकर्ता ही नहीं आए हैं, बल्कि बुद्धिजीवी वर्ग के साथ-साथ केंद्र में अपनी सेवाएं दे चुके कई वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व आईएएस, आईपीएस और आरपीएस अफसर भी कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में बड़े चेहरों की जगह बूथ स्तर का नेटवर्क, पारंपरिक जातीय समीकरण और गांवों का सीधा संपर्क सबसे अहम भूमिका निभाता है। कोटपूतली, दौसा और करौली-सवाई माधोपुर बेल्ट की इन पांचों सीटों से स्थानीय नेताओं के कांग्रेस में आने से पार्टी का ग्रामीण ढांचा मजबूत हो सकता है। हालांकि, चुनाव से ठीक पहले हुए इस संगठनात्मक विस्तार का असल असर कितना व्यापक होगा और यह वोटों में तब्दील हो पाएगा या नहीं, यह तो आने वाले चुनावी नतीजे ही तय करेंगे।