राजस्थान में मानसून का रौद्र रूप! 4 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, बांध के गेट खोले गए; जानें अपने शहर का हाल
बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत मौसमी तंत्र के कारण राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर विकराल और सक्रिय रूप धारण कर लिया है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने बुधवार को प्रदेश के चार जिलों में मूसलाधार बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जबकि राज्य के बाकी सभी जिलों को 'येलो अलर्ट' पर रखा गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य में 25 जुलाई तक मानसूनी बारिश का यह दौर इसी तरह तूफानी रफ्तार से जारी रहने का अनुमान है।
हाड़ौती में आफत की बारिश: नदियां उफान पर, कालीसिंध बांध का खोला गया गेट
हाड़ौती अंचल में बीते 24 घंटों में हुई भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। परवन और कालीसिंध नदियां अपने उफान पर हैं, जिसके चलते झालावाड़ स्थित कालीसिंध बांध का एक गेट 0.10 मीटर तक खोलकर 426 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।
मनोहरथाना इलाके में परवन नदी का जलस्तर बढ़ने से निचला पुल और मंदिर का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया। कोटा और बारां जिले में 5 इंच (130 मिमी तक) से ज्यादा पानी बरसने से खेतों में लबालब जलभराव हो गया है, जिसने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।
उदयपुर में सीजन की सबसे तेज मूसलाधार, कोटपूतली में NH-48 जलमग्न
झीलों की नगरी उदयपुर में बुधवार सुबह इस मानसून सीजन की सबसे भयंकर बारिश दर्ज की गई। महज एक घंटे की तूफानी बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, कोटपूतली-बहरोड़ जिले में लगातार तीसरे दिन पानी बरसने से स्थिति बिगड़ गई है; जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे (NH-48) की सर्विस लेन समेत शहर की मुख्य सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे घंटों लंबा जाम लगा रहा और स्कूली बच्चों व राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
छीपाबड़ौद में 130 मिमी बारिश, जयपुर-अजमेर में सुहावना हुआ मौसम
मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे ज्यादा बारिश बारां के छीपाबड़ौद में 130 मिमी और कोटा के सुल्तानपुर में 101 मिमी मापी गई। इसके अलावा:
- अच्छी बारिश वाले क्षेत्र: हनुमानगढ़, बूंदी, अलवर, करौली, झुंझुनूं और सवाई माधोपुर।
- मध्यम बौछारें: दौसा, टोंक, नागौर, चूरू, श्रीगंगानगर और भरतपुर।
- जयपुर व अजमेर का हाल: राजधानी जयपुर में दो इंच तक बारिश और ठंडी हवाओं से मौसम सुहावना बना हुआ है। अजमेर में भी 11 दिनों के लंबे इंतजार के बाद मानसून की फिर से धमाकेदार वापसी हुई है।