पॉश इलाके के नामी पार्लर का घिनौना राज़! AC के पीछे छुपा था सीक्रेट कैमरा, कई महिलाओं के मिले वीडियो
जोधपुर के रिहायशी और पॉश इलाकों में संचालित ब्यूटी पार्लर व सैलून की आड़ में चल रहे शर्मनाक गोरखधंधे का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित सैलून में सजने-संवरने पहुंची महिला को सुनियोजित तरीके से शिकार बनाने की कोशिश की गई, लेकिन पीड़िता की सतर्कता ने पूरे सिंडिकेट की कलई खोलकर रख दी। सालों पुराने भरोसे की आड़ में ग्राहकों की निजता पर डाका डालने वाली इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।
पीड़िता बीते तीन वर्षों से नियमित रूप से इसी सैलून की सेवाएं ले रही थी। गुरुवार को वह सामान्य तौर पर हेयर कलरिंग और थ्रेडिंग कराने पहुंची थी। इसी दौरान वहां तैनात एक महिला कर्मचारी ने रणनीति के तहत महिला को बातों में उलझाना शुरू कर दिया। स्टाफ ने दावा किया कि आज स्पेशल फेस्टिव डिस्काउंट के तहत फेशियल और बॉडी मसाज पर भारी छूट दी जा रही है। शुरुआती हिचकिचाहट के बाद लगातार दबाव और लुभावने ऑफर के झांसे में आकर महिला मसाज कराने के लिए तैयार हो गई।
मसाज के दौरान जब महिला रिलैक्स मुद्रा में थी, तभी उसकी नजर अचानक दीवार पर लगे एयर कंडीशनर (AC) की यूनिट की तरफ गई। एसी के पास मोबाइल फोन का लेंस चमकता हुआ दिखाई दिया, जिसे देखकर महिला के होश उड़ गए। सैलून का ही एक शातिर कर्मचारी दीवार की आड़ में मोबाइल कैमरा ऑन करके महिला की आपत्तिजनक क्लिप रिकॉर्ड कर रहा था। महिला ने बिना एक पल गंवाए तुरंत शोर मचाया और आरोपी को मौके पर ही रंगे हाथों दबोच लिया।
पकड़े जाने के बाद जब आरोपी का मोबाइल फोन छीनकर चेक किया गया, तो उसने मुख्य गैलरी को पहले ही खाली कर रखा था ताकि कोई सबूत न मिले। हालांकि, जब फोन के हिडन और सीक्रेट फोल्डर्स को खंगाला गया, तो वहां से सैलून इंडस्ट्री का घिनौना सच बाहर आ गया। फोन की गुप्त मेमोरी में उस पीड़िता के अलावा कई अन्य अनजान महिलाओं के भी आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें पहले से सेव की हुई मिलीं, जिससे यह साफ हो गया कि यह कोई पहली वारदात नहीं थी।
हंगामे की सूचना मिलते ही चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी देवेन्द्र उर्फ देवाराम (निवासी केतु) को तुरंत हिरासत में ले लिया। थानाधिकारी गोविंद व्यास के मुताबिक, आरोपी के जब्त मोबाइल फोन को फॉरेंसिक लैब भेजा जा रहा है ताकि डिलीट किया गया डेटा भी रिकवर किया जा सके। पीड़िता ने आशंका जताई है कि सैलून में सस्ते पैकेज का लालच देकर महिलाओं की निजी फुटेज जुटाने और उन्हें बेचने का कोई बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है। पुलिस फिलहाल आरोपी के कॉल रिकॉर्ड और नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।