जोधपुर में रूह कंपा देने वाली वारदात: ट्यूशन जा रहे मासूम के साथ बर्बरता, 17 सेकेंड में जड़े 8 थप्पड़ और छाती पर रखा पैर, खौफनाक वीडियो वायरल
राजस्थान के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक शहर जोधपुर से एक बेहद झकझोर देने वाली और सनसनीखेज घटना सामने आई है। शहर में एक मासूम छात्र के साथ हुई दरिंदगी का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसे देखकर हर किसी का खून खौल उठा है। ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकले एक छोटे से बच्चे के साथ कुछ दबंगों द्वारा की गई इस बेहरमी ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। महज 17 सेकेंड के भीतर बच्चे को ताबड़तोड़ 8 थप्पड़ जड़े गए और उसकी छाती पर पैर रखकर बेरहमी से पीटा गया, जिसके बाद से पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है।
क्या है पूरा मामला और कैसे सामने आया खौफनाक वीडियो?
यह पूरी घटना जोधपुर के एक रिहायशी इलाके की बताई जा रही है, जहां पीड़ित बच्चा रोजाना की तरह अपनी कोचिंग या ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकला था। रास्ते में किसी बात को लेकर दबंग किस्म के आरोपियों ने मासूम को घेर लिया और उस पर जुल्म ढाने शुरू कर दिए। आरोपियों ने कानून-कानून और इंसानियत को ताक पर रखकर बच्चे के साथ सरेआम मारपीट की। इस पूरी घटना का किसी ने चुपके से वीडियो बना लिया, जो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे बेबस बच्चा अपनी जान की भीख मांग रहा है, लेकिन आरोपियों को उस पर जरा भी दया नहीं आई।
वीडियो में कैद हुई दरिंदगी: 17 सेकेंड का खौफनाक मंजर
वायरल हो रहे इस वीडियो क्लिप ने पूरे जोधपुर समेत प्रदेशभर के लोगों को सकते में डाल दिया है। वीडियो की टाइमलाइन और क्रूरता को देखकर लोग हैरान हैं:
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महज 17 सेकेंड का तांडव: आरोपियों ने सिर्फ 17 सेकेंड के छोटे से अंतराल में मासूम के गालों पर लगातार 8 जोरदार थप्पड़ बरसाए।
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छाती पर पैर रखकर प्रताड़ना: हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने जमीन पर गिरे या खड़े बच्चे की छाती पर अपना पैर रखकर उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।
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बढ़ता जनरोस: इस अमानवीय कृत्य का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स और स्थानीय नागरिकों में भारी गुस्सा है, जो आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और जनता की मांग
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट और स्थानीय थाने की पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। साथ ही पीड़ित बच्चे और उसके परिवार से संपर्क कर मामले की तथ्यात्मक जानकारी जुटाई जा रही है। जनता और बाल अधिकार कार्यकर्ताओं का साफ कहना है कि इस तरह की बर्बरता करने वाले इन दरिंदों के खिलाफ पोक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी खौफनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।