'ऐसी लूट आज तक न देखी न सुनी' बीजेपी शासित राज्यों में करप्शन पर पूर्व CM अशोक गहलोत का बड़ा हमला
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके शासित राज्यों की सरकारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार (25 जून) को अपने गृह जिले जोधपुर के दौरे पर पहुंचे गहलोत ने मीडिया से बात करते हुए देश की मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने हाल ही में चर्चा में आए अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगे जमीन घोटाले के आरोपों का हवाला देते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को जमकर आड़े हाथों लिया।
"जहां भी बीजेपी की सरकारें, वहां चारों ओर हाहाकार" – गहलोत
अशोक गहलोत ने देश और विभिन्न राज्यों के सियासी हालातों पर तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान में भ्रष्टाचार और घोटालों का ग्राफ तेजी से ऊपर गया है। उन्होंने कहा:
"देश में जहां-जहां भी भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं, वहां चारों ओर त्राहि-त्राहि और हाहाकार मचा हुआ है। सरकारी तंत्र में ऐसी खुली लूट आज तक न तो कभी देखी गई, न सुनी गई और न ही समझी गई है। हालात इस कदर गंभीर हैं कि एक के बाद एक बड़े घोटाले देश के सामने आ रहे हैं।"
गहलोत ने आगे कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम भी 168 एकड़ जमीन खरीद के गंभीर आरोपों में सामने आया है, लेकिन भाजपा नेतृत्व के पास इसका कोई ठोस जवाब नहीं है। वे या तो इन मुद्दों पर पूरी तरह मौन साध लेते हैं या फिर सिर्फ कागजी औपचारिकता निभाते हैं।
राजस्थान में करप्शन और अपराध की हदें पार, मुख्यमंत्री को दी सलाह
मध्य प्रदेश के साथ-साथ अशोक गहलोत ने राजस्थान की वर्तमान भजनलाल शर्मा सरकार की कानून व्यवस्था पर भी करारे तीर चलाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सूबे में गांव से लेकर राजधानी जयपुर तक आम आदमी त्रस्त और दुखी है। राज्य में हत्या, दुष्कर्म और डकैती जैसी संगीन वारदातें आम हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को नसीहत देते हुए पूर्व सीएम ने कहा:
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हालात को समझें: मुख्यमंत्री को धरातल की कड़वी सच्चाई और बिगड़ते हालातों को गंभीरता से समझना चाहिए और इन्हें दुरुस्त करने के कड़े प्रयास करने चाहिए।
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विपक्ष का लें सहयोग: सूबे की स्थिति इस समय बेहद नाजुक है और पानी सिर के ऊपर से निकल रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री को बिना किसी संकोच के विपक्ष का सहयोग लेना चाहिए।
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नैतिक समर्थन का वादा: गहलोत ने साफ किया कि विपक्ष की मुख्यमंत्री से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है; यदि वे सही कदम उठाते हैं, तो कांग्रेस उन्हें नैतिक रूप से पूरा समर्थन देगी।
डोटासरा पर किरोड़ी लाल के आरोपों को बताया बिना तथ्यों की राजनीति
भाजपा के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा द्वारा राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर लगाए गए आरोपों पर भी गहलोत ने खुलकर प्रतिक्रिया दी। किरोड़ी लाल मीणा ने आरोप लगाया था कि डोटासरा के परिवार ने गलत तरीके से गैर-क्रीमी लेयर (Non-Creamy Layer) सर्टिफिकेट का इस्तेमाल कर राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) में नौकरियां पाई हैं, और उन्होंने इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की थी।
इस पर पलटवार करते हुए गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र और राजनीति में बिना पुख्ता तथ्यों के किसी पर भी झूठे और मनगढ़ंत आरोप नहीं लगाने चाहिए। उन्होंने कहा:
"अगर किसी के पास वास्तविक सबूत हैं, तो उन्हें केवल उसी आधार पर बात करनी चाहिए। किरोड़ी लाल मीणा जब विपक्ष में थे, तब भी उनका यही काम था और अब सरकार में आने के बाद भी वे बिना तथ्यों के केवल सुर्खियां बटोरने के लिए आरोप लगा रहे हैं। यह उनकी पुरानी कार्यशैली बन चुकी है।"
"राजस्थान में सिर्फ मुखौटा सरकार, असली राज तो RSS चला रहा है"
अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार पर सबसे बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राजस्थान में कैबिनेट और मुख्यमंत्री सिर्फ एक 'मुखौटा' बने हुए हैं। उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि प्रदेश में परदे के पीछे से असल राज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारी चला रहे हैं। राज्य में होने वाले तमाम प्रशासनिक अधिकारियों के ट्रांसफर, पोस्टिंग और भ्रष्टाचार के तार सीधे वहीं से जुड़े हुए हैं।
गहलोत ने अंत में आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि राजस्थान की जनता इस प्रशासनिक विफलता को देख रही है और आगामी चुनावों में वे इस सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना चुकी है।