'मेरे पापा-मम्मी की कोई गलती नहीं है, आई लव यू...' लिखकर 12वीं की छात्रा ने लगाया मौत को गले, सुसाइड नोट देख रो पड़ा हर कोई

'मेरे पापा-मम्मी की कोई गलती नहीं है, आई लव यू...' लिखकर 12वीं की छात्रा ने लगाया मौत को गले, सुसाइड नोट देख रो पड़ा हर कोई

उत्तर प्रदेश (UP) के एक शांत इलाके से एक बेहद हृदयविदारक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रही 12वीं की एक होनहार छात्रा ने संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को गले लगा लिया। घर के बंद कमरे में छात्रा का शव मिलने के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट (Suicide Note) बरामद हुआ है, जिसमें छात्रा ने मरने से पहले अपने माता-पिता के लिए एक बेहद भावुक संदेश छोड़ा है। इस दर्दनाक वाकये ने एक बार फिर किशोरों और युवाओं पर बोर्ड परीक्षाओं, भविष्य और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े मानसिक तनाव (Mental Stress) को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।

बंद कमरे में मिला शव, परिजनों की चीख-पुकार से दहल उठा पूरा मोहल्ला

स्थानीय पुलिस और पड़ोसियों से मिली जानकारी के अनुसार, रोज की तरह छात्रा अपने कमरे में पढ़ाई करने के लिए गई थी। काफी देर तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला और परिजनों द्वारा आवाज लगाने पर भी भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो माता-पिता को किसी अनहोनी की आशंका हुई। जब उन्होंने खिड़की से झांककर देखा तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। आनन-फानन में दरवाजे को तोड़ा गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और छात्रा की सांसें थम चुकी थीं। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और तुरंत स्थानीय कोतवाली पुलिस को मामले की सूचना दी गई।

'आई लव यू मम्मी-पापा...' सुसाइड नोट के आखिरी शब्द कर गए सबको सजल

सुसाइड नोट का खुलासा: पुलिस को कमरे की तलाशी के दौरान छात्रा की एक नोटबुक से हाथ से लिखा हुआ एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने बेहद टूटे हुए मन से लिखा, 'मेरे पापा-मम्मी बहुत अच्छे हैं, इस सब में उनकी कोई गलती नहीं है। आई लव यू मम्मी-पापा, मुझे माफ कर देना।' पुलिस का कहना है कि नोट की लिखावट और भाषा को देखकर साफ है कि छात्रा किसी बेहद गंभीर मानसिक उथल-पुथल या अज्ञात दबाव से गुजर रही थी, जिसे वह अपने परिवार के साथ साझा नहीं कर पाई।

पुलिस हर एंगल से कर रही जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम (Forensic Team) और पुलिस ने कमरे से सभी डिजिटल साक्ष्य, छात्रा का मोबाइल फोन और उसकी किताबें अपने कब्जे में ले ली हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या छात्रा पढ़ाई के अत्यधिक दबाव (Academic Pressure) में थी या फिर इसके पीछे कोई अन्य व्यक्तिगत या पारिवारिक वजह थी। छात्रा के दोस्तों और स्कूल के शिक्षकों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि आत्महत्या के असली कारणों का पता लगाया जा सके।

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर विशेषज्ञों की अपील: बच्चों से लगातार करें संवाद

इस दुखद घटना के बाद मनोचिकित्सकों और सामाजिक संस्थाओं ने अभिभावकों से एक विशेष अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि 10वीं और 12वीं के छात्रों में बोर्ड परीक्षाओं और करियर को लेकर अक्सर गहरा तनाव देखा जाता है। ऐसे में माता-पिता को बच्चों पर अच्छे नंबर लाने का दबाव बनाने के बजाय उनके साथ एक दोस्त की तरह व्यवहार करना चाहिए। यदि बच्चे के व्यवहार में अचानक कोई बदलाव, उदासी या अकेलापन दिखाई दे, तो तुरंत उससे खुलकर बात करनी चाहिए या किसी पेशेवर काउंसलर की मदद लेनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी मासूम को ऐसा घातक कदम उठाने से रोका जा सके।

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