"जो सरकार के काम से संतुष्ट नहीं, उसे पाकिस्तानी बता दो..." बीजेपी पर भड़के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, डोटासरा ने भी किया तीखा पलटवार
राजस्थान के सियासी गलियारों में एक बार फिर से जुबानी जंग बेहद तेज हो गई है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अपने टोंक दौरे के दौरान सूबे की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके दिग्गज नेताओं पर चौतरफा हमला बोला है। दोनों शीर्ष कांग्रेसी नेताओं ने केंद्र व राज्य सरकार की मौजूदा नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि जनता के बुनियादी और असली मुद्दों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है और देश में सिर्फ नफरत व राजनीतिक बयानबाजी की दुकान चलाई जा रही है।
लोकतंत्र के लिए खतरनाक है यह नया चलन, विरोध करने वालों को बदनाम करने की साजिश
टोंक में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने बेहद आक्रामक लहजे में कहा कि आज देश और प्रदेश में एक बेहद अजीब और खतरनाक माहौल बना दिया गया है। जो लोग भी सरकार के काम से संतुष्ट नहीं हैं, या फिर उसकी राजनीतिक विचारधारा से असहमति जताते हैं, उन्हें तुरंत देशविरोधी या 'पाकिस्तानी' करार दे दिया जाता है। जूली ने आगाह करते हुए कहा कि यह प्रवृत्ति हमारे मजबूत लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है। आज एक नया चलन सेट कर दिया गया है जिसके तहत हक की आवाज उठाने वाले हर व्यक्ति को समाज में बदनाम करने की साजिश रची जाती है।
ईडी-सीबीआई के दुरुपयोग और नीट पेपर लीक मामले पर घेरा, बेरोजगारी को बताया बड़ी समस्या
टीकाराम जूली ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई (CBI) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों के घोर दुरुपयोग का आरोप मढ़ा। उन्होंने कहा कि ये तमाम बड़ी एजेंसियां अब निष्पक्ष रूप से काम नहीं कर रही हैं, बल्कि पूरी तरह से राजनीतिक दबाव में आकर विपक्षी नेताओं को दबाने के फैसले ले रही हैं। देश में जारी नीट (NEET) पेपर लीक महाघोटाले का जिक्र करते हुए जूली ने कहा कि शुरुआत में तो इस घमंडी सरकार ने पेपर लीक की बात को सिरे से खारिज कर दिया था, लेकिन जब छात्रों और विपक्ष का भारी दबाव बना, तब जाकर इन्हें अपनी गलती माननी पड़ी। उन्होंने कहा कि हर साल करोड़ों युवाओं को नौकरी देने का वादा खोखला साबित हुआ है, बेरोजगारी चरम पर है, छोटे-मोटे उद्योग धंधे बंद हो रहे हैं और देश की पूरी संपत्ति चुनिंदा बड़े उद्योगपतियों के हवाले की जा रही है।
डोटासरा का मदन राठौड़ और कैलाश चौधरी पर करारा तंज, बोले- ऊपर से मिला है नया आदेश
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी मंच से हुंकार भरते हुए भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी पर जोरदार पलटवार किया। डोटासरा ने कहा कि जनता भली-भांति जानती है कि कौन जमीन से जुड़ा नेता है और कौन हवा-हवाई राजनीति करता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हम तो जनता का विश्वास और चुनाव जीतकर विधानसभा में बैठे हैं, जबकि भाजपा के कई बड़े सूरमा चुनाव हारने के बाद भी ज्ञान बांट रहे हैं। कैलाश चौधरी की अचानक बढ़ी सक्रियता पर चुटकी लेते हुए डोटासरा ने कहा कि उन्हें दिल्ली (ऊपर) से साफ निर्देश मिल चुके हैं कि मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ अब पूरी तरह फेल साबित हो चुके हैं, इसलिए अब आप आगे बढ़िए, इधर-उधर घूमिए और रोज नए-नए बयान देकर मीडिया में बने रहिए।
अपराध, बदहाल सड़कें और किसानों की बदहाली पर उठाए सवाल, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य की कानून व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर भी भजनलाल सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज पूरे राजस्थान का किसान खाद, बीज और फसल बीमा की अनियमितताओं के चलते बुरी तरह खून के आंसू रो रहा है। पूरे प्रदेश में सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, आम जनता त्रस्त है और अपराध का ग्राफ रोजाना नए रिकॉर्ड बना रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री हैं कि बात-बात पर सिर्फ दिल्ली के चक्कर काटने में व्यस्त हैं। नीट पेपर लीक मामले पर गुस्सा जाहिर करते हुए डोटासरा ने मांग की कि जब छोटे-मोटे मामलों में अफसरों को सस्पेंड कर दिया जाता है, तो इतने बड़े देशव्यापी घोटाले के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय कर उनका इस्तीफा क्यों नहीं लिया जा रहा?
सामूहिक नेतृत्व में लड़ा जाएगा साल 2028 का विधानसभा चुनाव, चेहरा नहीं होगी पार्टी की रणनीति
पार्टी के भविष्य और राजस्थान कांग्रेस की आगामी रणनीति को लेकर डोटासरा ने एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण सांगठनिक खुलासा किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ही कांग्रेस पार्टी के सर्वोच्च चेहरे हैं और उनके मार्गदर्शन में ही संगठन आगे बढ़ रहा है। जहां तक राजस्थान का सवाल है, तो साल 2028 में होने वाला आगामी विधानसभा चुनाव पार्टी किसी एक नेता के चेहरे को आगे रखकर नहीं लड़ेगी। कांग्रेस आगामी चुनाव में सामूहिक नेतृत्व (Collective Leadership) के फॉर्मूले के साथ पूरी एकता से चुनावी मैदान में उतरेगी और भाजपा को सत्ता से बेदखल करेगी।