राजस्थान में अचानक पलटा मौसम; अक्टूबर में सावन जैसी झड़ी, 7 जिलों में तेज बारिश और ओलों का बड़ा अलर्ट
राजस्थान में अक्टूबर के जाते-जाते मौसम का मिजाज अचानक पूरी तरह पलट गया है। अरब सागर से निरंतर उठ रही नम हवाओं के चलते प्रदेश के कई इलाकों में झमाझम बेमौसम बारिश का सिलसिला जारी है। सोमवार को निरंतर तीसरे दिन दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के शहरों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे दिन और रात के पारे में जबरदस्त गिरावट आई है और सुबह-शाम गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार को भी राज्य के सात शहरों में मेघगर्जन के साथ तेज बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि कुछ इलाकों में तेज अंधड़ और ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है।
सवाई माधोपुर जिले में निरंतर बरस रहे पानी के चलते बरसाती नदी-नाले पूरे वेग के साथ उफान पर आ गए हैं, खासकर खंडार क्षेत्र में नदी-नालों में पानी की भारी आवक से ठीक मानसून जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। इसके अलावा राजसमंद, सिरोही, पाली और टोंक के कई क्षेत्रों में घने बादलों की आवाजाही के साथ फुहारों का दौर बना हुआ है, जिससे वातावरण में ठंडक पूरी तरह घुल चुकी है।
एक तरफ जहां दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश और बादलों के डेरे से पारा लुढ़क गया है, वहीं दूसरी तरफ थार के रेगिस्तानी इलाके पश्चिमी राजस्थान में पारा चढ़ने से तपिश बरकरार है। सोमवार को बाड़मेर, पिलानी, हनुमानगढ़, जैसलमेर और चूरू में दिन के अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी गई, जिसमें 38.9 डिग्री सेल्सियस के साथ बाड़मेर प्रदेश का सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर से आ रही निरंतर नमी के कारण यह बेमौसम बरसात अभी जारी रह सकती है। इसके साथ ही 24 अक्टूबर से उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होने जा रहा है, जिसके प्रभाव से बीकानेर संभाग सहित सीमावर्ती इलाकों में मौसम एक बार फिर करवट लेगा और आंधी-बारिश की नई गतिविधियां देखने को मिलेंगी।