Astro Tips: ब्रह्म मुहूर्त में भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां, वरना बन जाएंगे महाकंगाल; जीवन की हर बाधा दूर करेगा यह चमत्कारिक मंत्र
हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में 'ब्रह्म मुहूर्त' (Brahma Muhurta) का समय बेहद पवित्र, शक्तिशाली और ऊर्जावान माना गया है। सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटे पहले यानी सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच के समय को ब्रह्म मुहूर्त कहा जाता है। मान्यता है कि इस दौरान वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार सबसे अधिक होता है और इस समय किए गए कार्य या पूजा-पाठ का फल सीधा और कई गुना बढ़कर मिलता है। हालांकि, शास्त्रों में यह भी चेतावनी दी गई है कि इस वेला में कुछ खास गलतियां करने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और व्यक्ति को कंगाल तक बना सकती हैं। आइए जानते हैं ब्रह्म मुहूर्त में कौन से 4 काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए और किन मंत्रों के जाप से जीवन के सारे दुख दूर होते हैं।
ब्रह्म मुहूर्त में भूलकर भी न करें ये 4 काम
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नकारात्मक बातें या झगड़ा करना:
ब्रह्म मुहूर्त का समय मन और मस्तिष्क को शांत रखकर ईश्वर का स्मरण करने का होता है। यदि आप उठते ही किसी से विवाद करते हैं, गुस्सा करते हैं या नकारात्मक बातें सोचते हैं, तो पूरे दिन आपके आस-पास नकारात्मक ऊर्जा का पहरा रहता है और घर की बरकत रुक जाती है।
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अंधेरे में सोना या आलस्य करना:
ब्रह्म मुहूर्त वह समय है जब देवी-देवता पृथ्वी का भ्रमण करते हैं। इस दौरान बिस्तर पर पड़े रहना या आलस्य करना आपके भाग्य के दरवाजों को बंद कर सकता है। इस समय उठकर स्नान या ध्यान करना सबसे उत्तम माना गया है।
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अचानक तेज आवाज या कोलाहल करना:
ब्रह्म मुहूर्त का वातावरण पूरी तरह शांत और शुद्ध होता है। इस समय घर में बहुत तेज आवाज में संगीत बजाना, चिल्लाना या टीवी-मोबाइल का शोर करना अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से सकारात्मक शक्तियां घर से दूर हो जाती हैं।
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बिना स्नान किए गंदे कपड़े पहनना या अशुद्ध रहना:
यदि आप ब्रह्म मुहूर्त में उठकर ध्यान या पूजा-पाठ कर रहे हैं, तो शरीर और मन की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। गंदे या बिना धुले वस्त्र पहनकर इस दौरान पूजा या शुभ कार्य करने से मां लक्ष्मी का अपमान होता है और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
दुखों और नकारात्मकता को दूर करने के लिए करें इस महामंत्र का जाप
ब्रह्म मुहूर्त के शांत वातावरण में यदि आप सच्चे मन से नीचे दिए गए मंत्र का जाप करते हैं, तो जीवन के सभी संकट, दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा हमेशा के लिए दूर हो जाती है:
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मंत्र:
$$कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती। करमूले तू गोविन्दः प्रभाते मदर्शनम्॥$$
या
$$ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत्॥$$
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मंत्र जाप का लाभ: सुबह उठकर अपनी हथेलियों के दर्शन करते हुए इस मंत्र का स्मरण करने से मानसिक शांति मिलती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और माता लक्ष्मी तथा भगवान विष्णु की असीम कृपा से घर में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती है।