दिवाली की साफ-सफाई के समय भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां

दिवाली की साफ-सफाई के समय भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां

सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में दीपावली का पावन पर्व धन, वैभव और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सबसे बड़ा और शुभ अवसर माना जाता है। कार्तिक मास की अमावस्या को मनाए जाने वाले इस महापर्व से कई दिन पहले ही देश भर के हर घर में साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट का काम जोर-शोर से शुरू हो जाता है। मान्यता है कि मां लक्ष्मी केवल उसी स्थान पर प्रवेश करती हैं जहां पूर्ण स्वच्छता, सकारात्मक ऊर्जा और पवित्रता का वातावरण होता है। यही वजह है कि दिवाली से पहले लोग अपने घरों के कोने-कोने को चमकाने में जुट जाते हैं। लेकिन अक्सर देखा गया है कि जाने-अनजाने में लोग सफाई करते समय कुछ ऐसी गंभीर गलतियां कर बैठते हैं, जो वास्तु शास्त्र के दृष्टिकोण से बेहद अशुभ मानी जाती हैं। वास्तु विशेषज्ञों और ज्योतिष आचार्यों का मानना है कि यदि दिवाली की सफाई के दौरान वास्तु नियमों का ध्यान न रखा जाए, तो इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास हो सकता है और मां लक्ष्मी नाराज होकर लौट सकती हैं। आइए प्रसिद्ध वास्तु गुरु से विस्तार से जानते हैं कि दिवाली की सफाई के दौरान वे 7 कौन-सी बड़ी गलतियां हैं जिन्हें करने से बचना चाहिए और सुख-समृद्धि के लिए क्या करें तथा क्या न करें।

दिवाली की सफाई के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 बड़ी गलतियां, वास्तु शास्त्र के अनुसार हो सकता है भारी नुकसान

दीपावली की सफाई करते समय वास्तु गुरु द्वारा बताई गई पहली और सबसे बड़ी गलती यह है कि लोग अक्सर घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को साफ करना भूल जाते हैं या वहां भारी सामान रख देते हैं। ईशान कोण को देवी-देवताओं का स्थान माना जाता है, इसलिए इस दिशा को हमेशा साफ, हल्का और खाली रखना चाहिए। दूसरी गलती यह है कि सफाई के दौरान लोग मुख्य द्वार (Main Entrance) की अनदेखी कर देते हैं। मुख्य द्वार से ही मां लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है, इसलिए मुख्य दरवाजे का गंदा होना या वहां चप्पल-जूते बिखरे रहना बहुत बड़ा वास्तु दोष पैदा करता है। तीसरी बड़ी गलती सफाई के लिए रविवार या मंगलवार का दिन चुनना है, क्योंकि इन दिनों घर से कुछ पुरानी या पुरानी लकड़ी की वस्तुएं फेंकना शुभ नहीं माना जाता। चौथी गलती यह है कि लोग पुराने और टूटे हुए शीशे या बंद पड़ी घड़ियों को घर के किसी कोने में ही छोड़ देते हैं, जिससे नकारात्मक तरंगे पैदा होती हैं। पांचवीं गलती सफाई के दौरान घर के मंदिर या पूजा स्थल की सफाई बिना स्नान किए या गलत दिशा से शुरू करना है। छठी गलती सफाई के बाद बचे हुए कबाड़ को घर की छत पर जमा कर देना है, जिससे राहु का प्रभाव बढ़ता है। और सातवीं गलती यह है कि लोग सफाई करते समय दक्षिण-पश्चिम कोण (नैऋत्य कोण) में जल का जमाव कर देते हैं, जिससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।

मां लक्ष्मी का स्थायी वास पाने के लिए सफाई के दौरान क्या करें और क्या न करें, जानिए वास्तु गुरु के विशेष नियम

वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिवाली की सफाई केवल धूल-मिट्टी हटाने का नाम नहीं है, बल्कि यह घर की ऊर्जा को शुद्ध करने की एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है। वास्तु गुरु का कहना है कि सफाई की शुरुआत हमेशा घर के उत्तर या पूर्व दिशा से करनी चाहिए और दक्षिण दिशा की ओर समाप्त करना चाहिए। जब भी आप घर का पुराना सामान या कबाड़ बाहर निकालें, तो यह ध्यान रखें कि टूटी-फूटी मूर्तियां, फटे-पुराने धार्मिक ग्रंथ या खंडित तस्वीरें सीधे कचरे में न फेंकें, बल्कि उन्हें किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करें या पीपल के पेड़ के नीचे सम्मानपूर्वक रख दें। इसके अलावा, सफाई पूरी हो जाने के बाद पूरे घर में गंगाजल, सेंधा नमक के पानी का पोछा लगाएं और लोबान या गुग्गल का धुआं जरूर करें। ऐसा करने से घर में मौजूद हर तरह की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है और सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है। मुख्य द्वार पर वंदनवार (तोरण) लगाना, स्वास्तिक बनाना और शाम के समय मुख्य द्वार पर दीपक जलाना मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए बेहद शुभ और फलदायी माना गया है।

धन-समृद्धि और सुख-शांति के लिए सफाई के साथ-साथ दिशाओं का रखें विशेष ध्यान

दीपावली पर मां लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान गणेश और धन के देवता कुबेर की कृपा प्राप्त करने के लिए घर की दिशाओं का सही संतुलन होना अत्यंत आवश्यक है। उत्तर दिशा को कुबेर देव का स्थान माना गया है, इसलिए इस दिशा में लाल रंग या भारी सामान रखने से बचें। उत्तर दिशा में नीला या हरा रंग होना और इसे हमेशा साफ रखना धन के नए रास्तों को खोलता है। रसोईघर को घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, क्योंकि यहां मां अन्नपूर्णा का वास होता है। रसोई की सफाई करते समय गैस चूल्हे के ऊपर जमा गंदगी और बंद पड़े मसालों के डिब्बों को तुरंत हटा दें। बेडरूम में सफाई करते समय पलंग के नीचे कबाड़ या लोहे का सामान बिल्कुल न रखें, क्योंकि इससे पति-पत्नी के रिश्तों में तनाव पैदा होता है। वास्तु गुरु के इन सरल और प्रभावी नियमों का पालन करके यदि आप इस दिवाली अपने घर की सफाई करते हैं, तो निश्चित रूप से आपके घर में सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और अटूट धन-समृद्धि का वास होगा।