Haryali Amavasya 2026: हरियाली अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का दुर्लभ संयोग! जीवन के हर संकट को दूर करेंगे ये 5 शक्तिशाली मंत्र और चालीसा
सावन मास की अमावस्या यानी 'हरियाली अमावस्या' (Haryali Amavasya 2026) का हिंदू धर्म में विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। इस बार हरियाली अमावस्या के पावन पर्व पर एक बेहद दुर्लभ खगोलीय संयोग बन रहा है, जहां इस दिन सूर्य ग्रहण का साया भी रहेगा। ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या तिथि और सूर्य ग्रहण के इस दुर्लभ मिलन पर यदि विधि-विधान से पूजा-पाठ और विशेष मंत्रों का जाप किया जाए, तो व्यक्ति के जीवन के सभी प्रकार के संकट, बाधाएं और ग्रहों के बुरे प्रभाव दूर हो जाते हैं। आइए जानते हैं कि इस खास अवसर पर किन 5 शक्तिशाली मंत्रों और चालीसा का पाठ करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
हरियाली अमावस्या और सूर्य ग्रहण का यह खास संयोग
हरियाली अमावस्या प्रकृति के श्रृंगार, पेड़-पौधों की पूजा और पितरों की शांति के लिए समर्पित होती है। इस दिन पौधे लगाने से कुंडली के कई दोष दूर होते हैं। वहीं, जब इस दिन सूर्य ग्रहण का संयोग बनता है, तो इसका धार्मिक और तांत्रिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। ग्रहण काल और अमावस्या के इस विशेष समय में किए गए जाप, ध्यान और अनुष्ठान का कई गुना अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दौरान नकारात्मक ऊर्जाओं का प्रभाव बढ़ता है, जिसे केवल सात्विक मंत्रों और आराध्य की आराधना से ही नियंत्रित किया जा सकता है।
संकट और बाधाओं को दूर करने वाले 5 शक्तिशाली मंत्र
इस दुर्लभ संयोग के दिन साधकों को अपनी राशि और क्षमता के अनुसार निम्नलिखित मंत्रों का जाप करना चाहिए:
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महामृत्युंजय मंत्र:
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मंत्र: $ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥$
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महत्व: यह मंत्र अकाल मृत्यु के भय को दूर करने, स्वास्थ्य लाभ और जीवन के हर बड़े संकट से रक्षा करने के लिए सबसे अचूक माना जाता है।
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सूर्य देव का बीज मंत्र (ग्रहण शांति के लिए):
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मंत्र: $ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः$ या $ॐ घृणिः सूर्याय नमः॥$
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महत्व: चूंकि इस दिन सूर्य ग्रहण का योग है, इसलिए सूर्य देव के इन मंत्रों का जाप करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और मान-सम्मान व यश बढ़ता है।
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पितृ दोष निवारण मंत्र:
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मंत्र: $ॐ पितृभ्यः स्वाहायै नमः$ या $ॐ सर्वपितृ देवतायै नमः॥$
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महत्व: अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है। इस मंत्र के जाप से पितृ प्रसन्न होते हैं और परिवार में आ रही पीढ़ियों की बाधाएं दूर होती हैं।
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संकट मोचन हनुमान मंत्र:
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मंत्र: $ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् स्वाहा॥$
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महत्व: किसी भी प्रकार के अज्ञात भय, शत्रु बाधा या गंभीर संकट से मुक्ति पाने के लिए यह हनुमान मंत्र बेहद शक्तिशाली है।
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माता लक्ष्मी और विष्णु जी का महामंत्र:
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मंत्र: $ॐ नमो भगवते वासुदेवाय$ और $ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्नी च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥$
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महत्व: अमावस्या के दिन माता लक्ष्मी की कृपा पाने और घर की आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए यह मंत्र अचूक फलदायी है।
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कौन सी चालीसा का पाठ दिलाएगा विशेष मुक्ति?
मंत्रों के साथ-साथ इस विशेष दिन पर निम्नलिखित चालीसा का पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना गया है:
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हनुमान चालीसा: सूर्य ग्रहण और अमावस्या के समय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है। ऐसे में हनुमान चालीसा का पाठ करने से हर तरह की बुरी शक्तियां और मानसिक तनाव दूर होते हैं।
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शिव चालीसा: सावन का महीना और अमावस्या का दिन भगवान शिव को अति प्रिय है। शिव चालीसा का पाठ करने से महादेव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन के सारे कष्ट स्वतः समाप्त हो जाते हैं।