Masik Durgashtami 2026: मासिक दुर्गाष्टमी व्रत पर इस विधि से करें मां दुर्गा की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और अचूक मंत्र

Masik Durgashtami 2026: मासिक दुर्गाष्टमी व्रत पर इस विधि से करें मां दुर्गा की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और अचूक मंत्र

सनातन धर्म में हर महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी के रूप में बेहद धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दिन जगत जननी मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना करने और व्रत रखने का विशेष विधान है। मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत रखता है, माता रानी उसके जीवन के सभी संकटों को दूर करती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

आइए जानते हैं कि मासिक दुर्गाष्टमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है, किस विधि से मां की आराधना करें और कौन से मंत्रों का जाप करना फलदायी होता है।

मासिक दुर्गाष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

पंचांग के अनुसार, हर माह शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि मां दुर्गा को समर्पित होती है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण किए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक दुर्गाष्टमी के दिन मां दुर्गा की आराधना करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर में सकारात्मकता व शांति का वास होता है। इस व्रत को करने से शत्रुओं पर विजय मिलती है और अटके हुए कार्य पूरे होते हैं।

मासिक दुर्गाष्टमी की संपूर्ण पूजा विधि

  1. स्नान और संकल्प: मासिक दुर्गाष्टमी के दिन प्रातः काल जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र (लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है) पहनें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें।

  2. पूजा स्थल की सफाई: अपने घर के मंदिर या ईशान कोण में चौकी बिछाकर उस पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं। उस पर मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।

  3. षोडशोपचार पूजन: मां दुर्गा को गंगा जल से स्नान कराएं। उन्हें रोली, अक्षत (चावल), लाल फूल, सिंदूर, और श्रृंगार का सामान अर्पित करें।

  4. भोग और आरती: माता को फल, मिठाई और हलवा-पूरी का भोग लगाएं। इसके बाद घी का दीपक और धूपबत्ती जलाकर सच्चे मन से मां दुर्गा की आरती करें और चालीसा का पाठ करें।

  5. कन्या पूजन (यदि संभव हो): इस दिन नौ कन्याओं और एक लांगूरा (बटुक) को भोजन कराना बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है। कन्याओं को भोजन कराने के बाद उन्हें उपहार और दक्षिणा देकर विदा करें।

मां दुर्गा के शक्तिशाली और अचूक मंत्र

पूजा के दौरान माता रानी को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के लिए इन मंत्रों का जाप जरूर करें:

  • मां दुर्गा का मूल मंत्र:

    $ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे$

  • सर्वबाधा मुक्ति मंत्र:

    $सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः। मों मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥$

  • कल्याणकारी मंत्र:

    $या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥$

मासिक दुर्गाष्टमी के दिन इन नियमों का पालन करने और पूरे विधि-विधान से पूजा करने से मां दुर्गा अपने भक्तों के सभी दुख हर लेती हैं और उनकी झोली खुशियों से भर देती हैं।

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