Nag Panchami 2026: सावन में आ रहा है 'सोमवार' और 'नाग पंचमी' का दुर्लभ संयोग; जानें पूजा की सही तारीख और शुभ मुहूर्त!
सावन का पवित्र महीना शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। शिव भक्तों के लिए यह महीना अत्यंत शुभ और ऊर्जावान माना जाता है। इस साल सावन 30 जुलाई 2026 (गुरुवार) से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) तक रहेगा। इस दौरान आने वाले विभिन्न त्योहारों में 'नाग पंचमी' का विशेष महत्व है, जो इस बार भक्तों के लिए एक बेहद खास और आध्यात्मिक संयोग लेकर आ रही है।
कब है नाग पंचमी 2026?
हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है। इस वर्ष नाग पंचमी 17 अगस्त 2026, दिन सोमवार को मनाई जाएगी।
क्यों खास है इस बार की नाग पंचमी?
इस वर्ष नाग पंचमी का त्योहार सोमवार के दिन पड़ रहा है, जो भगवान शिव का दिन होता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, सोमवार और नाग पंचमी का यह मिलन अत्यंत शुभ माना गया है। विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो कालसर्प दोष या राहु-केतु से संबंधित समस्याओं से मुक्ति पाना चाहते हैं, यह दिन अचूक उपाय करने के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
नाग पंचमी 2026: पूजा का शुभ मुहूर्त
पूजा के लिए सही समय का चुनाव करना बहुत महत्वपूर्ण है। नाग पंचमी पर पूजा के लिए शुभ समय इस प्रकार है:
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पूजा का शुभ समय (Muhurat): सुबह 05:51 AM से सुबह 08:29 AM तक।
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पंचमी तिथि का आरंभ: 16 अगस्त 2026 को शाम 04:52 PM से।
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पंचमी तिथि की समाप्ति: 17 अगस्त 2026 को शाम 05:00 PM तक।
नाग पंचमी पूजा का महत्व
नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से कुंडली के कई दोष दूर होते हैं। इस दिन भक्त भगवान शिव के गले का आभूषण माने जाने वाले नाग देवता को दूध चढ़ाते हैं और उनकी विधिवत पूजा करते हैं। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन नागों की पूजा करने से परिवार की रक्षा होती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
विशेष नोट: अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराओं (अमावस्यांत और पूर्णिमान्त कैलेंडर) के कारण कुछ स्थानों पर (जैसे गुजरात में) नाग पंचमी का पर्व अलग तिथियों पर भी मनाया जा सकता है, लेकिन अधिकांश उत्तर भारत में यह 17 अगस्त को ही मनाया जाएगा।
सावन का यह महीना शिव भक्ति और नाग देव की आराधना के साथ-साथ आपके जीवन में सकारात्मकता और शांति लेकर आए।