नवरात्रि से पहले घर से तुरंत बाहर कर दें सूखी तुलसी समेत ये 5 अशुभ चीजें

नवरात्रि से पहले घर से तुरंत बाहर कर दें सूखी तुलसी समेत ये 5 अशुभ चीजें

हिंदू धर्म में शक्ति और साधना के पावन पर्व नवरात्रि (Navratri) का विशेष और अलौकिक महत्व माना जाता है, क्योंकि इन नौ दिनों में जगत जननी मां दुर्गा के अलग-अलग नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है. ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि के इन पवित्र दिनों में माँ दुर्गा और धन की देवी मां लक्ष्मी पृथ्वी लोक पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों के घरों में वास करती हैं. लेकिन शास्त्रों और वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के जानकारों का यह स्पष्ट रूप से कहना है कि देवी शक्तियां और मां लक्ष्मी केवल उन्हीं घरों में प्रवेश करती हैं जहां साफ-सफाई, सकारात्मक ऊर्जा और पवित्रता का वास होता है. यदि आपके घर में लंबे समय से कुछ ऐसी चीजें या कबाड़ जमा है जो नकारात्मकता को बढ़ावा देती हैं, तो माता रानी के आगमन से पहले उन्हें घर से बाहर का रास्ता दिखाना बेहद जरूरी है. वास्तु गुरुओं के अनुसार, नवरात्रि का पावन पर्व शुरू होने से पहले घर के कोने-कोने की अच्छी तरह से जांच कर लें और सूखी तुलसी समेत पांच ऐसी अशुभ चीजों को तुरंत घर से बाहर कर दें, जिनके घर में रहने से मां दुर्गा और मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और परिवार को आर्थिक तंगी तथा कड़े संकटों का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं कि वे कौन सी 5 अशुभ चीजें हैं जिन्हें नवरात्रि से पहले घर से हटा देना चाहिए.

घर में कभी भी न रखें सूखी हुई तुलसी का पौधा, यह लाता है दुर्भाग्य

सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी का स्वरूप और अत्यंत पवित्र माना जाता है, जिस घर में हरी-भरा तुलसी का पौधा होता है वहां सदैव सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. लेकिन यदि आपके घर में रखा तुलसी का पौधा किसी कारणवश पूरी तरह से सूख गया है, तो उसे घर में भूलकर भी नहीं रखना चाहिए. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में सूखा हुआ तुलसी का पौधा रखना बहुत बड़ा वास्तु दोष माना जाता है, जिससे घर की आर्थिक स्थिति तेजी से बिगड़ने लगती है और नकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है. नवरात्रि शुरू होने से पहले इस सूखे पौधे को सम्मानपूर्वक किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें या मिट्टी में दबा दें और उसकी जगह पर एक नया हरा-भरा तुलसी का पौधा लाकर अपने आंगन या ईशान कोण में स्थापित करें.

घर के मंदिर या मुख्य हॉल में टूटे-फूटे बर्तन और कांच का सामान रखना अशुभ

अक्सर लोग घरों में इस्तेमाल होने वाले कांच के बर्तन या क्रॉकरी के चटक जाने या टूट जाने के बाद भी उन्हें संभालकर स्टोर रूम में रख देते हैं, या फिर देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियों और फटी हुई तस्वीरों को घर के मंदिर में ही छोड़ देते हैं. वास्तु नियमों के अनुसार, घर में किसी भी प्रकार का टूटा हुआ कांच, चटक चुकी प्लेटें, या खंडित मूर्तियां रखना बेहद अशुभ माना जाता है. यह दरिद्रता का प्रतीक होता है और इससे घर के सदस्यों के बीच आपसी कलह बढ़ती है तथा मानसिक तनाव उत्पन्न होता है. नवरात्रि के इन पावन दिनों से पहले घर की रसोई और मंदिर की अच्छी तरह से सफाई करें और तमाम टूटी-फूटी तथा बेकार की कांच की वस्तुओं को घर से तुरंत बाहर फेंक दें.

बंद पड़ी घड़ियां और खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान रोक देते हैं जीवन की तरक्की

वास्तु शास्त्र में समय का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है, और घर में लगी हुई घड़ियां हमारी प्रगति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करती हैं. यदि आपके घर में ऐसी कई घड़ियां या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पड़े हैं जो लंबे समय से खराब हैं, बंद पड़े हैं या जिनकी बैटरियां सूखी हुई हैं, तो वे आपकी किस्मत के पहिये को भी रोक सकती हैं. बंद घड़ियां जीवन में गतिशीलता को बाधित करती हैं और आने वाले अवसरों को रोक देती हैं. नवरात्रि के इस पावन अवसर पर अपने घर के सभी कमरों की तलाशी लें और उन बंद पड़ी घड़ियों को या तो तुरंत ठीक करवाएं या फिर क कबाड़ में बेचकर घर से बाहर कर दें, ताकि आपके जीवन और करियर में तरक्की के नए रास्ते खुल सकें.

पुराने, फटे-पुराने और इस्तेमाल न होने वाले वस्त्रों का ढेर बनता है रुकावट का कारण

कई लोगों की यह आदत होती है कि वे अपने पुराने, फटे हुए या छोटे हो चुके कपड़ों को संभालकर अलमारी के किसी कोने में सालों-साल के लिए ठूंस देते हैं. वास्तु के दृष्टिकोण से देखा जाए तो इस्तेमाल न होने वाले पुराने और फटे-पुराने कपड़े घर में नकारात्मक ऊर्जा और राहु के बुरे प्रभाव को आकर्षित करते हैं. इससे न केवल घर में अलमारी की जगह अनावश्यक रूप से घिरती है, बल्कि नए और सकारात्मक अवसरों का आगमन भी रुक जाता है. नवरात्रि की सफाई के दौरान अपने उन कपड़ों को छांट लें जिनका उपयोग अब आप या आपके परिवार का कोई सदस्य नहीं करता है, और उन्हें किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति को दान कर दें, जिससे आपको पुण्य की प्राप्ति भी होगी और घर का वास्तु भी शुद्ध हो जाएगा.

घर के मुख्य द्वार पर जूते-चप्पलों का बिखराव और कूड़ेदान का गलत स्थान

वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को बहुत ही पवित्र और मां लक्ष्मी के प्रवेश का मार्ग माना गया है. यदि आपके घर के मुख्य दरवाजे के ठीक बाहर या चौखट के आसपास जूते-चप्पलें बेतरतीब तरीके से बिखरी रहती हैं, या फिर वहां किसी प्रकार का गंदा कूड़ेदान रखा हुआ है, तो मां लक्ष्मी कभी भी आपके घर में प्रवेश नहीं करेंगी. मुख्य द्वार पर गंदगी और जूतों का ढेर नकारात्मक ऊर्जा को सीधा घर के भीतर खींचता है. इसके अलावा घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में कभी भी भारी कबाड़ या कूड़ेदान नहीं रखना चाहिए. नवरात्रि शुरू होने से पहले अपने मुख्य द्वार को पूरी तरह साफ करें, वहां एक सुंदर पायदान रखें और जूते-चप्पलों को रखने के लिए एक निश्चित शू-रैक बनाएं, जिससे घर में हमेशा बरकत बनी रहे.