राज्यसभा की रेस में बड़े नाम धरे के धरे रह गए! केंद्रीय मंत्रियों की छुट्टी, कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल!

राज्यसभा की रेस में बड़े नाम धरे के धरे रह गए! केंद्रीय मंत्रियों की छुट्टी, कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल!

उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने आठ अधिकृत प्रत्याशियों की सूची घोषित कर दी है। भाजपा केंद्रीय नेतृत्व द्वारा जारी इस सूची ने सूबे के सियासी गलियारों में सबको चौंका दिया है। पिछले कई दिनों से राज्यसभा की रेस में जिन कद्दावर और दिग्गज चेहरों की चर्चा चल रही थी, उनमें से अधिकांश नाम गायब हैं। पार्टी ने इस बार बड़े दिग्गजों को किनारे कर सीधे संगठन और जमीन से जुड़े चेहरों पर दांव लगाया है।

सूची का सबसे बड़ा चौंकाने वाला पहलू मौजूदा सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों के टिकट कटना रहा। वर्तमान राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी तथा केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा को इस बार पार्टी ने दोबारा मौका नहीं दिया है। इन दोनों बड़े नामों को रिपीट न करके भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिया है कि संगठन में नए और निष्ठावान चेहरों को आगे बढ़ाया जाएगा। इसी कड़ी में यूपी भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह को संसद के उच्च सदन का रास्ता दिखाया गया है।

सोमवार को पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी व राज्यसभा सांसद तरुण चुग द्वारा हस्ताक्षरित आधिकारिक सूची जारी की गई। इस सूची में प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के साथ राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्णा पाण्डेय, पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार के नाम शामिल हैं। जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को साधते हुए पार्टी ने सभी आठ सीटों पर संगठनात्मक पृष्ठभूमि वाले नेताओं को प्राथमिकता देकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जमीनी कार्यकर्ताओं को सीधा और सकारात्मक संदेश दिया है।