स्कूल के लिए निकला 8वीं का छात्र 3 महीने तक रहा लापता! 5 राज्यों के चक्कर काटकर हरिद्वार पहुंचा; परिजनों से मिला

स्कूल के लिए निकला 8वीं का छात्र 3 महीने तक रहा लापता! 5 राज्यों के चक्कर काटकर हरिद्वार पहुंचा; परिजनों से मिला

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से पिछले तीन महीने से लापता 14 वर्षीय छात्र ऋतिक को हरिद्वार पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने सुरक्षित खोज निकाला है। कई राज्यों का सफर तय कर धर्मनगरी पहुंचे इस बालक को रेस्क्यू करने के बाद कानूनी औपचारिकताओं और काउंसलिंग प्रक्रिया को पूरा कर उसके पिता को सौंप दिया गया। महीनों बाद अपने इकलौते बेटे को जीवित और सकुशल देखकर पिता भावुक हो गए और उन्होंने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।

भिलाई (दुर्ग) निवासी उदयपाल यादव का इकलौता पुत्र ऋतिक कक्षा आठवीं का छात्र है। वह 30 जून 2026 को रोजाना की तरह स्कूल जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन दोपहर तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां काफी खोजबीन की, मगर कोई सुराग नहीं मिला। अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों ने दुर्ग-भिलाई के जामुल थाने में बालक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बेटे की तलाश में बदहवास पिता ने हर संभावित ठिकाने पर चक्कर काटे और खोजबीन के सिलसिले में करीब तीन माह तक अपनी नौकरी पर भी नहीं जा सके।

इधर घर से निकलने के बाद ऋतिक ट्रेनों के रास्ते सफर करता रहा। वह छत्तीसगढ़ से निकलकर पहले लखनऊ, फिर दिल्ली, हरियाणा और पंजाब होते हुए करीब चार दिन पहले उत्तराखंड के हरिद्वार पहुंचा। हरिद्वार के भीड़भाड़ वाले हर की पैड़ी क्षेत्र में गश्त के दौरान एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की नजर इस लावारिस घूम रहे बालक पर पड़ी। वह बेहद दयनीय हालत में था। पुलिस टीम ने तुरंत उसे संरक्षण में लिया और सहानुभूतिपूर्वक पूछताछ कर उसका नाम, पता व परिजनों का संपर्क नंबर जुटाया।

पुलिस ने तुरंत छत्तीसगढ़ में उसके परिजनों से संपर्क साधा। 3 अक्टूबर को जैसे ही पिता को बेटे के हरिद्वार में सुरक्षित होने की सूचना मिली, वे फौरन उसे लेने रवाना हो गए। इसके बाद हरिद्वार बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष बालक को प्रस्तुत किया गया। समिति के अध्यक्ष के निर्देशानुसार काउंसलिंग और विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद ऋतिक को औपचारिक रूप से उसके पिता के हवाले कर दिया गया।