देवशयनी एकादशी पर तुलसी और फूलों के ये अचूक उपाय बदल देंगे किस्मत! कभी नहीं होगी पैसों की किल्लत

देवशयनी एकादशी पर तुलसी और फूलों के ये अचूक उपाय बदल देंगे किस्मत! कभी नहीं होगी पैसों की किल्लत

हिंदू धर्म में आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi) के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन से सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु अगले चार महीनों के लिए क्षीरसागर में योग निद्रा में चले जाते हैं, जिसे चातुर्मास भी कहा जाता है। चूंकि भगवान विष्णु निद्रा में होते हैं, इसलिए इस दौरान माता लक्ष्मी पृथ्वी लोक पर भक्तों की पुकार सबसे पहले सुनती हैं। इस पावन तिथि पर यदि भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय तुलसी और कुछ विशेष फूलों के ज्योतिषीय उपाय कर लिए जाएं, तो घर से दरिद्रता हमेशा के लिए दूर हो जाती है। आइए जानते हैं देवशयनी एकादशी के इन चमत्कारी उपायों के बारे में।

1. देवशयनी एकादशी पर तुलसी के चमत्कारी उपाय

तुलसी माता को भगवान विष्णु की प्रिय 'हरिप्रिया' कहा जाता है। एकादशी के दिन तुलसी से जुड़े उपाय करने से श्रीहरि और मां लक्ष्मी दोनों की असीम कृपा प्राप्त होती है:

  • मंगला आरती और घी का दीपक: एकादशी की शाम को तुलसी के पौधे के पास गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें और तुलसी माता की 11 बार परिक्रमा करें। इससे घर का वास्तु दोष दूर होता है और सुख-शांति आती है।

  • लाल चुनरी और कलावा: देवशयनी एकादशी पर तुलसी के पौधे को एक नई लाल चुनरी ओढ़ाएं और उसके तने पर पवित्र कलावा (मौली) बांधें। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और घर में धन का आगमन तेज होता है।

  • भूलकर भी न करें ये गलती: याद रखें कि एकादशी के दिन तुलसी के पौधे में जल अर्पित नहीं किया जाता और न ही इसके पत्ते तोड़े जाते हैं, क्योंकि इस दिन तुलसी माता स्वयं भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।

2. मां लक्ष्मी को आकर्षित करेंगे इन फूलों के उपाय

भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा में फूलों का बहुत बड़ा महत्व है। देवशयनी एकादशी पर फूलों के ये आसान उपाय आपकी तिजोरी को कभी खाली नहीं होने देंगे:

  • पीले फूलों की माला: भगवान विष्णु को पीला रंग अत्यधिक प्रिय है। इस दिन श्रीहरि को गेंदे या पीले कनेर के फूलों की माला चढ़ाएं। इससे गुरु ग्रह मजबूत होता है और करियर में आ रही रुकावटें खत्म होती हैं।

  • लाल गुलाब या कमल का फूल: मां लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है। एकादशी की तिजोरी या पूजा स्थल पर माता लक्ष्मी के चरणों में दो लाल गुलाब या एक लाल कमल का फूल अर्पित करें। पूजा संपन्न होने के बाद इन फूलों को एक साफ लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें। इससे पूरे साल पैसों की तंगी नहीं होती।

  • मुख्य द्वार पर तोरण: देवशयनी एकादशी की सुबह अपने घर के मुख्य द्वार पर आम की पत्तियों और गेंदे के फूलों का तोरण (बंदनवार) जरूर लगाएं। यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को घर में प्रवेश करने से रोकता है।

चातुर्मास से पहले आखिरी मौका: पूरी होगी हर मनोकामना

देवशयनी एकादशी के बाद से सभी तरह के मांगलिक कार्य (जैसे शादी, मुंडन, गृह प्रवेश) अगले चार महीनों के लिए बंद हो जाते हैं। ऐसे में अपनी अधूरी मनोकामनाओं को पूरा करने और माता लक्ष्मी को अपने घर में स्थायी रूप से आमंत्रित करने का यह सबसे उत्तम और आखिरी मौका होता है। सच्चे मन से किए गए ये छोटे-छोटे उपाय आपके जीवन में समृद्धि की बौछार कर सकते हैं।

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