Wednesday Ganesh Puja: बुधवार को गणेश जी को चढ़ाते हैं दूर्वा? भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना रूठ जाएंगे बप्पा; नोट करें सही नियम और मंत्र

Wednesday Ganesh Puja: बुधवार को गणेश जी को चढ़ाते हैं दूर्वा? भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना रूठ जाएंगे बप्पा; नोट करें सही नियम और मंत्र

सनातन धर्म में बुधवार का दिन बुद्धि, विवेक और विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश को समर्पित माना गया है। बप्पा को प्रसन्न करने के लिए भक्त कई तरह के उपाय और पूजा-अर्चना करते हैं, लेकिन उनकी पूजा में सबसे महत्वपूर्ण और प्रिय चीज 'दूर्वा' (दूब घास) को माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बुधवार के दिन गणेश जी को दूर्वा अर्पित करने से वे अपने भक्तों पर बहुत जल्द प्रसन्न होते हैं और उनके जीवन के सभी संकट व विघ्न दूर कर देते हैं। हालांकि, कई बार लोग अज्ञानता वश दूर्वा चढ़ाते समय कुछ बड़ी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता। अगर आप भी बुधवार को बप्पा की पूजा करते हैं, तो दूर्वा चढ़ाने का सही तरीका और इससे जुड़े नियम जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।

जानिए क्या है गणेश जी को दूर्वा अर्पित करने का बिल्कुल सही तरीका

बुधवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ-सुथरे कपड़े धारण करें। इसके बाद अपने पूजा घर को साफ करें और भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर को एक पवित्र आसन पर स्थापित करें। बप्पा की पूजा शुरू करते समय सबसे पहले उन्हें दूर्वा अर्पित की जानी चाहिए।

नियम के अनुसार, भगवान गणेश को हमेशा साफ-सुथरी, हरी और ताजी दूर्वा ही चढ़ानी चाहिए। बगीचे या साफ स्थान से दूर्वा तोड़ने के बाद उसे शुद्ध जल से अच्छी तरह धो लें। ध्यान रहे कि गणेश जी को हमेशा जोड़ों में यानी युग्म बनाकर दूर्वा चढ़ाई जाती है, जिसमें मुख्य रूप से 3 या 5 गांठ वाली दूर्वा की कली (सुई) होनी चाहिए। इसे पूरी श्रद्धा और आदर भाव के साथ बप्पा के चरणों में या उनके मस्तक पर अर्पित करें। इसके बाद उन्हें मोदक या लड्डू का भोग लगाएं, धूप-दीप जलाएं और अंत में आरती करके पूजा में हुई किसी भी भूल-चूक के लिए क्षमा याचना करें।

दूर्वा चढ़ाते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, लग सकता है दोष

भगवान गणेश की पूजा में पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है। बप्पा को कभी भी सूखी, पीली, टूटी-फूटी या गंदी जगह से तोड़ी गई दूर्वा नहीं चढ़ानी चाहिए। कई लोग जल्दबाजी में दूर्वा को बिना धोए ही भगवान को अर्पित कर देते हैं, जिसे शास्त्रों में सर्वथा अनुचित और अशुभ माना गया है।

इसके अलावा, पूजा की बची हुई या चढ़ाई गई दूर्वा को कभी भी इधर-उधर या कचरे में नहीं फेंकना चाहिए। यदि चढ़ाई गई दूर्वा किसी के पैरों के नीचे आती है, तो इससे दोष लगता है। पूजा के बाद दूर्वा को किसी गमले, पेड़ की जड़ में या पवित्र नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए। सबसे जरूरी बात यह है कि जब आप बप्पा को दूर्वा अर्पित कर रहे हों, तब आपके मन में किसी के प्रति भी क्रोध, ईर्ष्या या द्वेष की भावना नहीं होनी चाहिए।

इस चमत्कारी मंत्र के जाप से मिलेगा पूजा का दोगुना फल

ज्योतिष शास्त्र और पुराणों के अनुसार, भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करते समय यदि एक विशेष मंत्र का उच्चारण किया जाए, तो पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। दूर्वा चढ़ाते वक्त आपको पूरी श्रद्धा से 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का निरंतर जाप करना चाहिए।

मान्यता है कि बुधवार के दिन इस महामंत्र का जाप करते हुए दूर्वा चढ़ाने से कुंडली में मौजूद 'बुध ग्रह' मजबूत होता है और जातक को व्यापार, बुद्धि व करियर में अपार सफलता मिलती है। इस उपाय से जीवन में आने वाली सभी नकारात्मक शक्तियां और बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं और घर में सुख-समृद्धि के साथ सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

 

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