जहां पुरुषों के प्रवेश पर है पाबंदी और चढ़ता है नूडल्स-शराब का भोग; जानिए भारत के 5 सबसे अनोखे मंदिर
भारत अपनी समृद्ध संस्कृति, विविध आस्था और प्राचीन मंदिरों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। देश में लाखों ऐसे मंदिर हैं, जहां देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के नियम बेहद सामान्य हैं। लेकिन इनके बीच कुछ ऐसे भी मंदिर मौजूद हैं, जिनकी अनोखी परंपराएं, अजीबोगरीब भोग और सख्त नियम आधुनिक विज्ञान और आम इंसानी सोच को भी हैरान कर देते हैं। आज हम आपको भारत के 5 ऐसे ही सबसे अनोखे और रहस्यमयी मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां कहीं पुरुषों के जाने पर सख्त पाबंदी है, तो कहीं भगवान को चाइनीज नूडल्स और शराब का चढ़ावा चढ़ाया जाता है।
1. चक्कुलथुकावू भगवती मंदिर, केरल (जहां पुरुष नहीं कर सकते प्रवेश)
केरल के अलाप्पुझा में स्थित चक्कुलथुकावू भगवती मंदिर (Chakkulathukavu Temple) अपनी एक बेहद खास और अनोखी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर में हर साल 'नारी पूजा' (Nari Puja) नाम का एक भव्य उत्सव आयोजित किया जाता है, जिसके दौरान मंदिर परिसर के भीतर पुरुषों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी जाती है। इस विशेष दिन पर केवल महिलाएं ही मंदिर में पूजा-अर्चना कर सकती हैं। इतना ही नहीं, इस उत्सव के दौरान मंदिर के मुख्य पुजारी महिलाओं के पैर धोकर उनका आशीर्वाद लेते हैं और उन्हें देवी का रूप मानकर पूजते हैं।
2. चाइनीज काली मंदिर, कोलकाता (जहां मिलता है नूडल्स का प्रसाद)
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के टेंगरा (Tangra) इलाके में स्थित काली माता का यह मंदिर पूरी दुनिया में इकलौता है। इस इलाके को कोलकाता का 'चाइना टाउन' भी कहा जाता है। इस मंदिर की सबसे अनोखी बात यह है कि यहां माता काली को पारंपरिक मिठाई या फल नहीं, बल्कि नूडल्स (Noodles), फ्राइड राइस, चाउमीन और मंचूरियन का भोग लगाया जाता है। यहां आने वाले भक्तों को भी प्रसाद के रूप में यही चाइनीज फूड दिया जाता है। इस मंदिर की देखरेख और पूजा स्थानीय भारतीय-चीनी समुदाय के लोग बेहद आस्था के साथ करते हैं।
3. बाबा भैरवनाथ मंदिर, उज्जैन (जहां चढ़ती है विदेशी शराब)
मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में स्थित भगवान काल भैरव का मंदिर (Kaal Bhairav Temple) अपने चमत्कारी और अनोखे चढ़ावे के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर के मुख्य देवता भगवान काल भैरव को तांत्रिक परंपराओं के अनुसार केवल शराब (Alcohol) का भोग लगाया जाता है। श्रद्धालु यहां आकर देसी से लेकर महंगी विदेशी शराब की बोतलें चढ़ाते हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जब पुजारी शराब से भरे पात्र को भगवान की मूर्ति के मुंह के पास ले जाते हैं, तो वह शराब देखते ही देखते गायब हो जाती है। यह रहस्य आज भी वैज्ञानिकों के लिए एक अनसुलझी पहेली बना हुआ है।
4. कामाख्या देवी मंदिर, असम (जहां पुरुष ही नहीं, महिला पुजारी भी करती हैं परहेज)
असम के गुवाहाटी में नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित कामाख्या देवी मंदिर (Kamakhya Temple) भारत के सबसे प्रमुख 51 शक्तिपीठों में से एक है। यह मंदिर देवी सती के मासिक धर्म (Menstruation) उत्सव के लिए जाना जाता है। हर साल जून के महीने में यहां 'अंबुबाची मेला' आयोजित होता है, जिसके दौरान ऐसा माना जाता है कि माता कामाख्या रजस्वला होती हैं। इन तीन दिनों के लिए मंदिर के कपाट पूरी तरह बंद कर दिए जाते हैं और पुरुषों सहित किसी भी भक्त को मंदिर के अंदर जाने की अनुमति नहीं होती है। यहां तक कि महिला पुजारी भी अंदर प्रवेश नहीं करती हैं।
5. बुलेट बाबा मंदिर, राजस्थान (जहां होती है मोटरसाइकिल की पूजा)
राजस्थान के जोधपुर-पाली हाईवे पर स्थित 'ओम बन्ना' या 'बुलेट बाबा' (Bullet Baba Temple) का मंदिर आधुनिक भारत का सबसे अनोखा मंदिर माना जा सकता है। यहां किसी देवी-देवता की मूर्ति की जगह एक 350cc की रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल की पूजा की जाती है। लोक मान्यताओं के अनुसार, सालों पहले एक सड़क दुर्घटना में ओम बन्ना नाम के युवक की मौत हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने उनकी बाइक को थाने में रख दिया। लेकिन वह बाइक बार-बार अपने आप दुर्घटना स्थल पर पहुंच जाती थी। इस चमत्कार को देखकर लोगों ने वहां मंदिर बना दिया। आज इस हाईवे से गुजरने वाले ड्राइवर दुर्घटना से बचने के लिए बुलेट बाबा के सामने सिर झुकाते हैं और मन्नत मांगते हैं।