3 गेंदें, 3 शिकार और 13 साल का सूखा खत्म! हसन महमूद ने रचा टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा इतिहास
बांग्लादेश के युवा तेज गेंदबाज हसन महमूद ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा लिया है। अफगानिस्तान के खिलाफ अबू धाबी के शेख जायद स्टेडियम में खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के तीसरे दिन हसन महमूद ने अपनी घातक स्विंग और रफ्तार के दम पर टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेकर बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया। इसके साथ ही वे टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में हैट्रिक लेने वाले बांग्लादेश के पहले तेज गेंदबाज बन गए हैं। महमूद ने सनसनीखेज स्पैल डालते हुए लगातार तीन गेंदों पर इस्मत आलम, कैस अहमद और जिया-उर-रहमान को पवेलियन की राह दिखाई।
इस जादुई हैट्रिक की शुरुआत पारी के बेहद नाजुक मोड़ पर हुई, जब महमूद ने सटीक इनस्विंगर पर इस्मत आलम को क्लीन बोल्ड कर दिया। अगली ही गेंद पर उन्होंने कैस अहमद को चकमा दिया, जो गेंद को रक्षात्मक रूप से खेलने के प्रयास में विकेटकीपर लिटन दास को कैच थमा बैठे और बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। इतिहास रचने वाली तीसरी गेंद पर महमूद ने जिया-उर-रहमान के पैड पर जोरदार प्रहार किया और जोरदार एलबीडब्ल्यू (LBW) की अपील की। मैदानी अंपायर ने शुरुआत में अपील ठुकरा दी, लेकिन बांग्लादेश के कप्तान ने बिना देर किए डीआरएस (DRS) का सहारा लिया। टीवी रिप्ले और हॉक-आई तकनीक में साफ दिखा कि गेंद सीधे ऑफ स्टंप से टकरा रही थी, जिसके बाद अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा और जिया-उर-रहमान भी शून्य पर आउट करार दिए गए।
हसन महमूद टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले बांग्लादेश के कुल तीसरे गेंदबाज हैं, लेकिन उनसे पहले यह कारनामा करने वाले दोनों खिलाड़ी स्पिनर थे। साल 2003 में आलोक कपाली ने पेशावर में पाकिस्तान के खिलाफ और 2013 में सोहाग गाजी ने चटगांव में न्यूजीलैंड के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी। करीब 13 साल बाद महमूद ने किसी बांग्लादेशी गेंदबाज के रूप में यह कारनामा दोहराया है। इस मुकाबले में हसन महमूद ने धारदार गेंदबाजी करते हुए महज 55 रन देकर 5 विकेट चटकाए, जिसकी बदौलत बांग्लादेश के पहली पारी के 346 रनों के जवाब में अफगानिस्तान की पहली पारी 240 रनों पर ढेर हो गई।