डॉलर का खेल खत्म करने की तैयारी; चीन ने खरीदा 103 टन सोना, पूरी दुनिया के बैंकों में मचा महा-हड़कंप!

डॉलर का खेल खत्म करने की तैयारी; चीन ने खरीदा 103 टन सोना, पूरी दुनिया के बैंकों में मचा महा-हड़कंप!

वैश्विक अर्थव्यवस्था में डॉलर के दबदबे को चुनौती देने और अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित करने की होड़ में चीन ने सोने की रिकॉर्ड खरीदारी शुरू कर दी है। वर्ष 2026 में अब तक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने 103 टन से अधिक सोना खरीदकर अपने आधिकारिक स्वर्ण भंडार को करीब 2,410 टन के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा दिया है। ड्रैगन की इस बेतहाशा खरीदारी ने अब उन यूरोपीय देशों की धड़कनें बढ़ा दी हैं जो दशकों से शीर्ष गोल्ड रिजर्व की तालिका में आगे चल रहे हैं। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए आने वाले कुछ ही महीनों में वैश्विक स्तर पर देशों के स्वर्ण भंडार की रैंकिंग में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है।

चीन द्वारा स्वर्ण भंडार में अचानक किए जा रहे इस बड़े इजाफे के पीछे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक टकराव और विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में विविधता लाने की सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक इन दिनों अमेरिकी डॉलर और विदेशी सरकारी कर्ज पर अपनी निर्भरता घटाने के लिए सोने को सबसे सुरक्षित 'रिजर्व एसेट' मान रहे हैं, क्योंकि सोना किसी बाहरी संप्रभु सरकार के नियंत्रण या प्रतिबंधों के दायरे में नहीं आता। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुद्राओं के भारी उतार-चढ़ाव के बीच चीन सोने को सबसे मजबूत वित्तीय ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।

आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो चीन अब यूरोप के दो बड़े दिग्गजों—फ्रांस और इटली—के बेहद करीब पहुंच गया है। वर्तमान में चीन के पास 2,410 टन सोना मौजूद है, जबकि फ्रांस का कुल गोल्ड रिजर्व लगभग 2,437 टन और इटली का करीब 2,452 टन है। इस लिहाज से चीन फ्रांस से महज 27 टन और इटली से केवल 42 टन पीछे रह गया है। हालांकि अमेरिका और जर्मनी अब भी इस सूची में काफी आगे हैं, लेकिन जिस आक्रामक अंदाज में चीन खरीदारी कर रहा है, उससे फ्रांस और इटली का तीसरे और चौथे पायदान से खिसकना तय माना जा रहा है।

चीन की सोने की भूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2026 के हर महीने के साथ उसकी खरीदारी का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, चीन ने मार्च में 5 टन, अप्रैल में 8 टन और मई में 10 टन सोना खरीदा। इसके बाद जून में यह आंकड़ा बढ़कर 15 टन पहुंचा, जबकि जुलाई और अगस्त में लगातार 20-20 टन की भारी खरीद दर्ज की गई। वहीं, सितंबर महीने में खरीदारी ने नया रिकॉर्ड बनाते हुए 23 टन का आंकड़ा छू लिया। यह निरंतर बढ़ता ग्राफ साफ संकेत दे रहा है कि आने वाले समय में चीन सोने के वैश्विक बाजार की पूरी दिशा और दशा बदलने की तैयारी में है।