बांग्लादेश को तगड़ा झटका! चोटिल होकर पहले टेस्ट से बाहर हुए मुशफिकुर रहीम, जानिए कब करेंगे वापसी

बांग्लादेश को तगड़ा झटका! चोटिल होकर पहले टेस्ट से बाहर हुए मुशफिकुर रहीम, जानिए कब करेंगे वापसी

बांग्लादेश क्रिकेट टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ ढाका में शुरू हुए पहले टेस्ट मैच से ठीक पहले एक बहुत बड़ा झटका लगा है। टीम के सबसे अनुभवी और भरोसेमंद विकेटकीपर बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम अपनी तर्जनी उंगली में लगी चोट के कारण इस महत्वपूर्ण मुकाबले से बाहर हो गए हैं। 

ढाका के शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में होने वाले इस मैच से एक दिन पहले मंगलवार को बीसीबी अकादमी में नेट प्रैक्टिस के दौरान एक गेंद सीधे उनकी उंगली पर जा लगी, जिससे दर्द के कारण उन्हें तुरंत अभ्यास छोड़ना पड़ा। शुरुआती जांच में चोट ज्यादा गंभीर नहीं लग रही थी और एक्स-रे में भी किसी फ्रैक्चर की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन अगली सुबह सूजन और दर्द बढ़ने के कारण विकेटकीपिंग दस्ताने पहनने में उन्हें भारी परेशानी हो रही थी। ऐसे में मेडिकल टीम ने कोई भी जोखिम न उठाते हुए उन्हें पहले टेस्ट से आराम देने का सुरक्षित फैसला किया। 

बांग्लादेश टीम के फिजियो बैजेदुल इस्लाम खान ने जानकारी देते हुए बताया कि 38 वर्षीय मुशफिकुर को अंदरूनी चोट आई है और उम्मीद है कि वह अगले तीन दिनों में पूरी तरह से रिकवर हो जाएंगे, जिससे 5 नवंबर से सिलहट में होने वाले दूसरे टेस्ट मैच में उनका खेलना लगभग तय माना जा रहा है। मुशफिकुर की गैरमौजूदगी में युवा बल्लेबाज तौहीद हृदोय को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया है, जिन्होंने इसी साल हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था। आपको बता दें कि मुशफिकुर टेस्ट क्रिकेट में बांग्लादेश की बल्लेबाजी की रीढ़ माने जाते हैं और 100 टेस्ट खेलने वाले देश के पहले खिलाड़ी हैं। 

हाल ही में अबू धाबी में अफगानिस्तान के खिलाफ उन्होंने शानदार 81 रनों की पारी भी खेली थी और उनका करियर आम तौर पर चोटों से मुक्त ही रहा है। इस बीच ढाका टेस्ट में कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। 2025-27 आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल की रेस में बने रहने के लिए बांग्लादेश को अपने बचे हुए छह में से कम से कम चार मैचों में जीत और एक ड्रॉ की सख्त जरूरत है, ऐसे में मुशफिकुर रहीम जैसे मैच विनर का दूसरे टेस्ट से पहले फिट होना टीम के लिए बेहद जरूरी हो गया है।