हरमनप्रीत-दीप्ति के शतक, वैष्णवी ने गेंदबाजी में किया कमाल, भारत ने जिम्बाब्वे से जीती वनडे सीरीज
महिला क्रिकेट के गलियारों में इन दिनों भारतीय टीम का डंका चारों तरफ बज रहा है, और हाल ही में खेले गए रोमांचक मुकाबलों में बेटियों ने एक बार फिर से साबित कर दिया कि वे किसी भी मोर्चे पर पीछे हटने वाली नहीं हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई इस महत्वपूर्ण वनडे सीरीज में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने शानदार और आक्रामक खेल के दम पर सीरीज पर कब्जा जमा लिया है। इस पूरी सीरीज के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने बल्ले और गेंद दोनों से ऐसा कमाल दिखाया कि विरोधी टीम के पास हार मानने के अलावा कोई और चारा नहीं बचा था। कप्तान हरमनप्रीत कौर और स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने मैदान के चारों तरफ चौकों-छक्कों की बरसात करते हुए शानदार शतक जड़े, जिससे स्कोरबोर्ड पर रनों का पहाड़ खड़ा हो गया। वहीं दूसरी तरफ, गेंदबाजी विभाग में युवा सनसनी वैष्णवी ने अपनी फिरकी और घातक गेंदबाजी से जिम्बाब्वे की पूरी बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़कर रख दी। यह सीरीज सिर्फ एक जीत भर नहीं है, बल्कि यह भारतीय महिला क्रिकेट के बढ़ते हुए रसूख और मजबूत बेंच स्ट्रेंथ की एक शानदार बानगी है, जिसे देश का हर क्रिकेट प्रेमी लंबे समय तक याद रखेगा।
सीरीज के निर्णायक मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने बरपाया कहर
जिम्बाब्वे के खिलाफ इस बहुप्रतीक्षित वनडे सीरीज का जब निर्णायक मुकाबला शुरू हुआ, तो भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का साहसिक फैसला किया। शुरुआत में पिच का मिजाज थोड़ा धीमा नजर आ रहा था, जिसे भांपते हुए शुरुआती ओवरों में भारतीय ओपनर्स ने थोड़ा संभलकर खेलना उचित समझा। लेकिन जैसे ही क्रीज पर कप्तान हरमनप्रीत कौर और अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा की जोड़ी उतरी, मैच का पूरा नक्शा ही बदल गया। दोनों ही बल्लेबाजों ने शुरुआत में सिंगल-डबल रन लेकर पारी को आगे बढ़ाया और फिर मैदान पर अपने शॉट्स की ऐसी आंधी लाई कि विरोधी टीम के कप्तान के सारे रक्षात्मक प्लान धरे के धरे रह गए। हरमनप्रीत कौर ने अपने ट्रेडमार्क अंदाज में मैदान के हर कोने में बेहतरीन स्ट्रोक्स खेले, जबकि दीप्ति शर्मा ने भी उनका बखूबी साथ निभाते हुए अपने करियर की एक बेहद यादगार और शानदार पारी खेली। स्कोरबोर्ड पर तेजी से रन जुड़ते चले गए और स्टेडियम में मौजूद दर्शक दीर्घा से लगातार तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही। इन दोनों खिलाड़ियों के बीच हुई इस रिकॉर्ड शतकीय साझेदारी ने मैच को पूरी तरह से भारत के पक्ष में झुका दिया और विपक्षी गेंदबाजों के हौसले पूरी तरह पस्त हो गए।
कप्तान हरमनप्रीत कौर का तूफानी शतक, मैदान पर चारों तरफ लगाए शानदार शॉट्स
भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर जब भी मैदान पर उतरती हैं, तो उनके कंधों पर हमेशा टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचाने की जिम्मेदारी होती है। जिम्बाब्वे के खिलाफ इस मैच में उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्यों उन्हें दुनिया की सबसे खतरनाक और धाकड़ बल्लेबाजों में गिना जाता है। क्रीज पर पैर जमाने के बाद हरमनप्रीत ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की क्लास लगानी शुरू कर दी। उन्होंने मैदान के लेग साइड और ऑफ साइड दोनों तरफ बेहतरीन और दर्शनीय शॉट्स खेले, जिन्हें देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। स्पिनर्स हों या तेज गेंदबाज, हरमनप्रीत ने किसी को भी नहीं बख्शा और अपने आक्रामक तेवरों से स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। पारी के अंतिम ओवरों में उन्होंने अपनी रन गति को और अधिक तेज करते हुए शानदार अंदाज में अपना शतक पूरा किया। यह शतक न सिर्फ उनकी कप्तानी पारी का एक बेहतरीन नमूना था, बल्कि यह टीम के मनोबल को सातवें आसमान पर पहुंचाने के लिए काफी था। उनके इस शतकीय प्रदर्शन ने यह सुनिश्चित कर दिया कि भारतीय टीम एक बहुत बड़े और सुरक्षित स्कोर की तरफ तेजी से बढ़ रही है।
दीप्ति शर्मा का ऑलराउंड प्रदर्शन और शानदार शतकीय पारी से मजबूत स्थिति में पहुंचा भारत
कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ कंधे से कंधا मिलाकर क्रीज पर डटी रहीं दीप्ति शर्मा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वे भारतीय टीम की रीढ़ की हड्डी क्यों हैं। दीप्ति ने अपनी शांत और संयमित बल्लेबाजी शैली का परिचय देते हुए एक छोर को पूरी तरह से संभालकर रखा। उन्होंने बिना किसी जल्दबाजी के सूझबूझ के साथ बल्लेबाजी की और कप्तान के साथ मिलकर मैदान पर रनों का अंबार लगा दिया। जब भी जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने थोड़ी बहुत वापसी की कोशिश की, दीप्ति ने शानदार बाउंड्री लगाकर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। अपनी बेहतरीन तकनीक और डिफेंसिव तथा अटूट जज्बे के बल पर खेलते हुए दीप्ति शर्मा ने भी अपने बल्ले से एक बेहतरीन और दर्शनीय शतक जड़ दिया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक लगाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि होती है, और जब यह टीम को संकट से निकालकर एक विशाल स्कोर तक पहुंचाने में मददगार साबित हो, तो इसकी अहमियत और भी ज्यादा बढ़ जाती है। दीप्ति की इस शानदार पारी के बाद विरोधी टीम की आधी मानसिक हार तो वहीं तय हो गई थी, क्योंकि इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करना उनके लिए किसी पहाड़ चढ़ने से कम नहीं था।
वैष्णवी की घातक गेंदबाजी, अपनी फिरकी के जाल में फंसाए जिम्बाब्वे के बल्लेबाज
बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम पर शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों का भारी दबाव साफ तौर पर दिखाई दे रहा था। जब भारतीय बल्लेबाजों ने अपना काम बखूबी पूरा कर दिया, तो बारी गेंदबाजी यूनिट की थी, और इस मोर्चे पर युवा तेज गेंदबाज या स्पिनर वैष्णवी ने ऐसा कमाल दिखाया कि देखने वाले दंग रह गए। वैष्णवी ने अपने स्पेल की शुरुआत से ही सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का कोई मौका नहीं दिया। उनकी गेंदों में एक गजब की टर्न और धार थी, जिसे समझने में विपक्षी बल्लेबाज लगातार असमर्थ नजर आए। वैष्णवी ने एक के बाद एक लगातार झटके देकर जिम्बाब्वे के बल्लेबाजी क्रम की रीढ़ तोड़ दी। उन्होंने अपने शुरुआती ओवरों में ही महत्वपूर्ण विकेट चटकाकर मैच पर भारत की पकड़ पूरी तरह से मजबूत कर दी। इसके बाद मध्यक्रम में भी उनकी शानदार गेंदबाजी का सिलसिला जारी रहा, जिससे विरोधी टीम के खिलाड़ी खुलकर एक भी रन नहीं बना सके। वैष्णवी के इस करिश्माई और घातक प्रदर्शन ने यह दिखा दिया कि भारतीय महिला क्रिकेट में भविष्य के लिए कितनी शानदार और प्रतिभाशाली गेंदबाजी फौज तैयार हो रही है।
श्रृंखला पर शानदार कब्जा, भारतीय टीम के विजयी रथ को रोकना हुआ मुश्किल
हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा के शतकों और वैष्णवी की कातिलाना गेंदबाजी के दम पर भारत ने इस मुकाबले में जिम्बाब्वे के खिलाफ एक बेहद शानदार और विशाल अंतर से जीत दर्ज कर ली। इस जीत के साथ ही भारतीय महिला टीम ने इस महत्वपूर्ण वनडे सीरीज पर भी शान के साथ कब्जा जमा लिया है। सीरीज के पहले मैच से लेकर आखिरी मुकाबले तक जिस तरह का अनुशासन, फिटनेस और उच्च कोटि का कौशल भारतीय खिलाड़ियों ने दिखाया, वह वाकई काबिले तारीफ है। इस जीत से न केवल टीम का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ गया है, बल्कि आने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स के लिए भी टीम ने अपनी तैयारियों का डंका बजा दिया है। मैच के बाद कप्तान और पूरी टीम ने मैदान पर जश्न मनाया और फैंस का शुक्रिया अदा किया। क्रिकेट विश्लेषकों का भी यही मानना है कि मौजूदा समय में भारतीय महिला टीम का प्रदर्शन जिस तरह से निखर कर सामने आ रहा है, उसे देखकर यह कहा जा सकता है कि आने वाला दौर पूरी तरह से भारतीय महिला क्रिकेट का ही होने वाला है। इस जीत ने देश भर के खेलप्रेमियों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है और यह श्रृंखला हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में अमर हो गई है।