असंभव को किया संभव! श्रीलंका ने चेज किया 430 रनों का पहाड़, ब्रूक के 202 रनों का घमंड चकनाचूर

असंभव को किया संभव! श्रीलंका ने चेज किया 430 रनों का पहाड़, ब्रूक के 202 रनों का घमंड चकनाचूर

क्रिकेट इतिहास के सबसे रोमांचक और हाई-स्कोरिंग मुकाबलों में से एक 22 अक्टूबर को रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया, जहां चल रही ट्राई-सीरीज़ के तहत इंग्लैंड और श्रीलंका आमने-सामने थीं। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लिश टीम ने बोर्ड पर 429 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड की पारी का मुख्य आकर्षण कप्तान और स्टार बल्लेबाज हैरी ब्रूक रहे, जिन्होंने मैदान पर उतरते ही श्रीलंकाई गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दी। शुरुआती दो झटके जल्दी लगने के बाद क्रीज पर आए ब्रूक ने तूफानी अंदाज में महज 116 गेंदों पर 202 रनों की विस्फोटक डबल सेंचुरी जड़ी। उनकी इस जादुई पारी के दम पर इंग्लैंड ने वनडे क्रिकेट का एक बेहद मजबूत स्कोर तैयार किया, जिसे पार पाना किसी भी टीम के लिए नामुमकिन माना जा रहा था।

हालांकि, 430 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने हार मानने के बजाय पलटवार का रास्ता चुना। श्रीलंका के शीर्ष बल्लेबाज पवन रथनायके ने 106 गेंदों पर 130 रनों की संयमित और आक्रामक शतकीय पारी खेलकर मैच की दिशा बदल दी। पूरी टीम के शानदार योगदान के दम पर श्रीलंका ने इस असंभव से दिखने वाले 430 रनों के लक्ष्य को हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। श्रीलंका की इस सनसनीखेज फतह के साथ ही मैच के नायक रहे हैरी ब्रूक के नाम वनडे क्रिकेट इतिहास का एक बेहद दर्दनाक और अनचाहा वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हो गया। ब्रूक अब वनडे क्रिकेट इतिहास में हारने वाली टीम की तरफ से खेलते हुए सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर (202 रन) बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। इस अनचाही लिस्ट में उन्होंने जिम्बाब्वे के चार्ल्स कोवेंट्री (194* बनाम बांग्लादेश, 2009), पाकिस्तान के फखर जमान (193 बनाम दक्षिण अफ्रीका, 2021), स्कॉटलैंड के जॉर्ज मुन्से (191 बनाम नीदरलैंड, 2025) और ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन (181* बनाम न्यूजीलैंड, 2007) को पीछे छोड़ दिया है।

ऐतिहासिक दोहरे शतक के बावजूद मैच गंवाने का दर्द पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कप्तान हैरी ब्रूक के चेहरे पर साफ झलका। मैच के बाद अपने प्रदर्शन पर खुलकर बात करते हुए ब्रूक ने इसे क्रिकेट का एक अद्भुत मुकाबला बताया और खुले दिल से प्रतिद्वंद्वी टीम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह एक जबरदस्त मैच था और दोनों टीमों ने बेहतरीन खेल दिखाया, लेकिन दुर्भाग्य से श्रीलंका ने हमें पछाड़ दिया। ब्रूक ने स्वीकार किया कि उनकी गेंदबाजी योजना के अनुरूप नहीं रही और उन्होंने विरोधी टीम की ताकत के मुताबिक गेंदबाजी कर दी, जिसका फायदा उठाकर श्रीलंका ने 400 से अधिक रनों का चेज मुकम्मल किया। उन्होंने माना कि 20 वर्षों में पहली बार श्रीलंका की यह जीत उनके लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। ब्रूक ने भावुक होते हुए साफ कहा कि हारने वाली टीम का हिस्सा होने के बाद इस दोहरे शतक का कोई मतलब नहीं रह जाता और उनकी नजर में इसकी कोई कीमत नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि टीम को अब दोबारा ड्रॉइंग बोर्ड पर लौटना होगा क्योंकि वे जानते हैं कि मैदान पर उनसे कहां चूक हुई है।