IND vs NZ: 192 रन का टारगेट भी नहीं बचा पाई टीम इंडिया, ग्लेन फिलिप्स ने तोड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड

IND vs NZ: 192 रन का टारगेट भी नहीं बचा पाई टीम इंडिया, ग्लेन फिलिप्स ने तोड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड

हैमिल्टन के सेडन पार्क मैदान पर खेले गए पांचवें और अंतिम T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया के खिलाफ एकतरफा अंदाज में 7 विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज की। 1 नवंबर को खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम की ओर से मिले 192 रनों के बड़े लक्ष्य को कीवी बल्लेबाजों ने बेहद सहजता से हासिल कर लिया। मेजबान टीम की इस ऐतिहासिक जीत के हीरो टिम सीफर्ट और ग्लेन फिलिप्स रहे, जिन्होंने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की बखिया उधेड़ते हुए मैच को पूरी तरह अपनी मुट्ठी में कर लिया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी ब्लैक कैप्स टीम की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। विकेटकीपर बल्लेबाज टिम सीफर्ट ने ताबड़तोड़ अंदाज में खेलते हुए महज 50 गेंदों पर 93 रनों की विस्फोटक पारी खेली। दूसरे छोर से ग्लेन फिलिप्स ने भी 38 गेंदों में 65 रन ठोककर भारतीय गेंदबाजों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई इस मैच विनिंग साझेदारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने सीरीज के आखिरी मुकाबले को यादगार बना दिया।

इस मुकाबले में अपनी अर्धशतकीय पारी के साथ ही ग्लेन फिलिप्स ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया। वे किसी भी द्विपक्षीय T20 सीरीज (Bilateral Series) में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज बन गए हैं। पांच मैचों की इस सीरीज में फिलिप्स ने कुल 341* रन बनाए और इंग्लैंड के फिल साल्ट के 331 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस सूची में अब फिलिप्स शीर्ष पर हैं, जबकि पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान (316 रन), एस्टोनिया के साहिल चौहान (297 रन) और मार्क चैपमैन (290 रन) क्रमशः उनके पीछे हैं।

पूरी सीरीज में बल्ले से गदर मचाने वाले ग्लेन फिलिप्स को उनके असाधारण प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' (POTS) के खिताब से नवाजा गया। पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन में अपनी रणनीति का खुलासा करते हुए फिलिप्स ने बताया कि मैदान पर शांत दिमाग और संयम के साथ उतरना उनके लिए सबसे कारगर साबित हुआ। उन्होंने कहा कि उनका मकसद मैदान में शिकार बनने के बजाय आक्रामक शिकारी की तरह खेलना था। उन्होंने यह भी माना कि भारतीय स्पिनरों, खासकर वरुण चक्रवर्ती के स्पैल को टारगेट करना और उनके अहम ओवर पर काउंटर अटैक करना मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट रहा।