भारतीय क्रिकेट में अचानक बड़ा भूचाल! महज 28 साल की उम्र में स्टार ओपनर ने लिया संन्यास, हर कोई सन्न

भारतीय क्रिकेट में अचानक बड़ा भूचाल! महज 28 साल की उम्र में स्टार ओपनर ने लिया संन्यास, हर कोई सन्न

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की आक्रामक शीर्ष क्रम की बल्लेबाज सब्बिनेनी मेघना (Sabbhineni Meghana) ने शुक्रवार को खेल के सभी प्रारूपों से अपने संन्यास की आधिकारिक घोषणा कर दी है। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा से ताल्लुक रखने वाली और घरेलू क्रिकेट में रेलवे का प्रतिनिधित्व करने वाली 28 वर्षीय मेघना ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत और भावुक पत्र साझा करते हुए अपने पेशेवर क्रिकेट करियर पर पूर्णविराम लगाने की जानकारी दी। वर्ष 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान पुख्ता करने वाली इस स्टार खिलाड़ी ने भारत के लिए 3 एकदिवसीय (ODI) और 17 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। वह साल 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) में ऐतिहासिक रजत पदक जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की प्रमुख सदस्य भी रही थीं, हालांकि बाद के दौर में वह राष्ट्रीय टी20 टीम में अपनी जगह स्थायी नहीं रख सकीं और आईसीसी के बड़े टूर्नामेंट्स से बाहर रहीं।

संन्यास का ऐलान करते हुए मेघना ने अपने दिल की बात बयां की और कहा कि पहली बार हाथ में बल्ला थामकर विश्व पटल पर देश की जर्सी पहनना उनके लिए किसी सपने के साकार होने जैसा था। उन्होंने लिखा कि क्रिकेट मैदान उनका दूसरा घर रहा है, जिसने उन्हें धैर्य, विनम्रता और जीवनभर संजोकर रखने वाली यादें व दोस्तियां दीं। अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए मेघना ने हर मुश्किल दौर में चट्टान की तरह साथ खड़े रहने वाले अपने परिवार, कोचों, साथी खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और हमेशा हौसला बढ़ाने वाले प्रशंसकों का आभार जताया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), आंध्र क्रिकेट संघ (ACA), रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड (RSPB), महिला प्रीमियर लीग फ्रेंचाइजी गुजरात जायंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का विशेष शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उन्हें सर्वोच्च स्तर पर अपने खेल को निखारने का मंच प्रदान किया।

घरेलू सर्किट में अपने बेखौफ शॉट्स के लिए मशहूर मेघना का महिला प्रीमियर लीग (WPL) में भी शानदार सफर रहा। विमेंस प्रीमियर लीग के पहले सीजन में उन्हें गुजरात जायंट्स ने अपनी टीम में शामिल किया था, जबकि साल 2024 में वह स्मृति मंधाना की कप्तानी वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का हिस्सा बनीं और उसी साल ऐतिहासिक WPL ट्रॉफी जीतने वाली चैंपियन टीम की सदस्य रहीं। अपने भावुक संदेश के अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही एक खिलाड़ी के तौर पर उनका सफर अब खत्म हो रहा है, लेकिन खेल के साथ उनका अटूट रिश्ता हमेशा बना रहेगा। उन्होंने भविष्य में खेल की सेवा करने और अगली पीढ़ी के उभरते क्रिकेटरों को मार्गदर्शन देने की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि क्रिकेट हमेशा उनके दिल, जुनून और जीवन का मुख्य उद्देश्य बना रहेगा।