IPL 2027 से पहले मुंबई इंडियंस का महा-फैसला! कायरन पोलार्ड बने नए हेड कोच, पुराने दिग्गजों की हुई छुट्टी
पांच बार की आईपीएल चैंपियन मुंबई इंडियंस ने इंडियन प्रीमियर लीग 2027 के आगामी सीजन के लिए अपने कोचिंग ढांचे में पूरी तरह से नया बदलाव करते हुए एक मजबूत और अनुभवी कोचिंग दल की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
वर्ष 2026 के सीजन के बाद टीम प्रबंधन ने पुराने कोचिंग स्टाफ को हटाकर वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर कायरन पोलार्ड को मुख्य कोच यानी हेड कोच की कमान सौंपी है। पोलार्ड के नेतृत्व वाले इस नए कोचिंग सेट-अप में भारतीय क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय मंच के कई जाने-माने नामों को शामिल किया गया है, जिनमें टी20 विश्व कप विजेता बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा और भारतीय टीम के पूर्व फील्डिंग कोच टी. दिलीप की प्रमुख एंट्री हुई है।
उथप्पा बने बैटिंग कोच, मैक्लेनघन और धवल को भी अहम जिम्मेदारी
फ्रेंचाइजी द्वारा जारी विवरण के अनुसार, रॉबिन उथप्पा को बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया गया है, जबकि न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज मिचेल मैक्लेनघन गेंदबाजी कोच की भूमिका निभाएंगे। इसके अतिरिक्त, भारतीय टीम के साथ लंबे समय तक काम कर चुके टी. दिलीप को फील्डिंग कोच और पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज धवल कुलकर्णी को डेवलपमेंट बॉलिंग कोच का जिम्मा दिया गया है। इन सभी पूर्व खिलाड़ियों को आधुनिक टी20 क्रिकेट और फ्रेंचाइजी की कार्यप्रणाली की गहरी समझ है। पोलार्ड के मार्गदर्शन में तैयार हुआ यह कोचिंग स्टाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने और बड़े टूर्नामेंट जीतने के समृद्ध अनुभव से लैस है, जिसका सीधा फायदा मैदान पर खिलाड़ियों के कौशल विकास में देखने को मिलेगा।
पुरानी चैंपियन जोड़ी की घर वापसी, 2020 के सूखे को खत्म करने की चुनौती
नए कोचिंग दल की सबसे खास बात यह है कि रॉबिन उथप्पा, मिचेल मैक्लेनघन और धवल कुलकर्णी तीनों ही पहले खिलाड़ी के तौर पर मुंबई इंडियंस की जर्सी पहन चुके हैं। खुद मुख्य कोच कायरन पोलार्ड करीब एक दशक तक एमआई के सबसे बड़े मैच विनर और कोर ग्रुप के स्तंभ रहे हैं। वहीं फील्डिंग कोच टी. दिलीप टीम इंडिया के सेटअप में मुंबई इंडियंस के अधिकांश प्रमुख खिलाड़ियों के साथ पहले ही लंबा वक्त बिता चुके हैं। मुंबई इंडियंस ने आखिरी बार साल 2020 में आईपीएल खिताब जीता था, ऐसे में छह साल के लंबे खिताबी सूखे को समाप्त कर टीम को दोबारा चैंपियन बनाना पोलार्ड और उनकी इस नई ब्रिगेड के सामने सबसे बड़ा लक्ष्य होगा।