वैभव सूर्यवंशी को नंबर 3 पर उतारने पर भड़के मुरली कार्तिक, बोले- ओपनर को गलत रोल देना सही नहीं

वैभव सूर्यवंशी को नंबर 3 पर उतारने पर भड़के मुरली कार्तिक, बोले- ओपनर को गलत रोल देना सही नहीं

क्रिकेट के गलियारों में इन दिनों युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा और उनकी सही पोजीशन को लेकर बहसें आम हो चुकी हैं, क्योंकि एक सही फैसले से जहां किसी खिलाड़ी का करियर आसमान छू सकता है, वहीं गलत प्रयोग उसकी चमक फीकी कर सकता है। हाल ही में भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए सनसनीखेज युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर एक ऐसा ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, जब उन्हें उनकी स्वाभाविक ओपनिंग पोजीशन से हटाकर नंबर 3 पर बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतारा गया। इस सामरिक फैसले से भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज स्पिनर और जाने-माने कमेंटेटर मुरली कार्तिक बुरी तरह भड़क उठे हैं। उन्होंने लाइव प्रसारण के दौरान और उसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए साफ तौर पर कहा कि किसी भी स्थापित या नेचुरल ओपनर को उसकी लय से छेड़छाड़ करके गलत रोल देना बिल्कुल भी सही नहीं है। मुरली कार्तिक का यह कड़ा बयान इस बात की बहस को और तेज कर दिया है कि क्या युवा खिलाड़ियों पर जरूरत से ज्यादा प्रयोग करना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ साबित हो सकता है। क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच यह मुद्दा चर्चा का विषय बन चुका है कि आखिर क्यों एक शानदार ओपनर को उसकी पसंद और खूबी के खिलाफ जाकर मिडिल ऑर्डर या नंबर 3 पर आजमाया जा रहा है।

कौन हैं वैभव सूर्यवंशी और क्यों हो रही है उनकी चौतरफा चर्चा?

वैभव सूर्यवंशी का नाम इन दिनों भारतीय घरेलू और आयु-वर्ग के क्रिकेट में एक बहुत बड़ा और चमकता हुआ सितारा बन चुका है। अपनी कम उम्र में ही अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली और असाधारण तकनीकी कौशल के दम पर उन्होंने चयनकर्ताओं और क्रिकेट पंडितों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जब कोई खिलाड़ी बहुत कम उम्र में अपनी पारियों से बड़े-बड़े रिकॉर्ड तोड़ने लगता है, तो हर किसी की निगाहें उसके हर एक शॉट और उसकी बैटिंग पोजीशन पर टिक जाती हैं। वैभव की सबसे बड़ी खूबी यह रही है कि उन्होंने शुरुआत से ही अपनी टीम के लिए बतौर ओपनर यानी पारी की शुरुआत करते हुए गेंदबाजों पर दबाव बनाया है। नई गेंद के खिलाफ खुलकर खेलना और पावरप्ले का पूरा फायदा उठाना उनकी नेचुरल शैली का अहम हिस्सा रहा है। यही वजह है कि जब उन्हें अचानक से नंबर 3 के पायदान पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा गया, तो उनके खेल के स्वभाव में एक बदलाव देखने को मिला, जिसे देखकर कई क्रिकेट जानकारों ने अपनी चिंता जाहिर की। एक युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ी के विकास के लिए यह बेहद जरूरी होता है कि उसे उसकी पसंदीदा और सबसे प्रभावी पोजीशन पर ही खेलने का मौका मिले, ताकि उसका आत्मविश्वास लगातार बना रहे।

मुरली कार्तिक का फूटा गुस्सा: ओपनर को गलत भूमिका सौंपना युवा खिलाड़ी के साथ अन्याय

वैभव सूर्यवंशी को नंबर 3 पर उतारने के फैसले पर अपनी कड़ी आपत्ति जताते हुए पूर्व भारतीय क्रिकेटर मुरली कार्तिक ने बिना किसी झिझक के अपनी बात रखी। उन्होंने खेल की बारीकियों को समझाते हुए कहा कि हर बल्लेबाज का अपना एक मानसिक दायरा और खेलने का एक निश्चित तरीका होता है, खासकर उन खिलाड़ियों का जो अपनी पूरी जिंदगी या शुरुआती दौर से पारी की शुरुआत करते आए हैं। ओपनर के रूप में खिलाड़ी के पास क्रीज पर सेट होने और अपनी रणनीति बनाने का एक अलग मानसिक स्पेस होता है, लेकिन जब आप उसे अचानक से नंबर 3 या मध्य क्रम में भेज देते हैं, तो उसकी पूरी लय बिगड़ जाती है। कार्तिक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी युवा खिलाड़ी को उसकी स्ट्रेंथ के विपरीत गलत रोल देना न सिर्फ टीम की रणनीति को कमजोर करता है, बल्कि उस खिलाड़ी के भविष्य और उसके मानसिक संतुलन के लिए भी नुकसानदायक साबित हो सकता है। उनका मानना था कि प्रबंधन को खिलाड़ियों की काबिलियत का सही आकलन करना चाहिए और उनसे प्रयोग करने के बजाय उन्हें वहां मौका देना चाहिए जहां वे सबसे ज्यादा सहज और घातक साबित होते हैं।

बल्लेबाजी क्रम में बार-बार बदलाव से युवा खिलाड़ियों के मानसिक संतुलन पर पड़ता है असर

आधुनिक क्रिकेट में टीम प्रबंधन अक्सर विभिन्न रणनीतियों और समीकरणों के तहत खिलाड़ियों को अलग-अलग नंबरों पर आजमाने का प्रयास करता है, जिसे आधुनिक भाषा में 'फ्लेक्सिबिलिटी' कहा जाता है। लेकिन कई बार यह प्रयोग खिलाड़ियों के लिए जी का जंजाल बन जाता है। वैभव सूर्यवंशी के मामले में भी यही बात पूरी तरह से लागू होती है। जब एक बल्लेबाज अपने शुरुआती करियर के चरण में होता है, तो उसे स्थिरता की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। अगर हर दूसरे मैच में उसकी बैटिंग पोजीशन बदल दी जाएगी, तो वह कभी भी अपनी मानसिक स्थिति को स्थिर नहीं रख पाएगा। उसे हमेशा यही डर सताता रहेगा कि अगले मैच में उसे किस नंबर पर बल्लेबाजी करनी होगी और टीम की उससे क्या उम्मीदें हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का एक बड़ा वर्ग मुरली कार्तिक की इस बात का समर्थन कर रहा है कि युवा प्रतिभाओं के साथ इस तरह के लगातार प्रयोग करने से बचना चाहिए। उन्हें एक तय भूमिका सौंपनी चाहिए ताकि वे उस पोजीशन की बारीकियों को अच्छी तरह समझ सकें और अपनी पूरी क्षमता का सौ प्रतिशत मैदान पर प्रदर्शन कर सकें।

क्या टीम प्रबंधन को अपनी इस रणनीति पर करने की जरूरत है पुनर्विचार?

मुरली कार्तिक के इस बयान के सामने आने के बाद से ही भारतीय क्रिकेट हलकों में इस बात पर बहस छिड़ गई है कि क्या भविष्य के मुकाबलों में वैभव सूर्यवंशी को वापस उनके पुराने स्थान यानी ओपनिंग स्लॉट पर भेजा जाएगा या नहीं। टीम के कोच और कप्तान के सामने यह एक बड़ी चुनौती है कि वे अपने युवा खिलाड़ियों का इस्तेमाल किस प्रकार करें ताकि उनकी व्यक्तिगत फॉर्म और टीम की सफलता दोनों प्रभावित न हों। प्रशंसकों का भी यही मानना है कि वैभव जैसे विस्फोटक बल्लेबाज को अगर पावरप्ले में खुलकर खेलने की छूट दी जाए, तो वे टीम के लिए मैच विनर साबित हो सकते हैं। आने वाले समय में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट मुरली कार्तिक जैसी दिग्गजों की इस सलाह को गंभीरता से लेते हैं या नहीं। लेकिन एक बात पूरी तरह से साफ हो चुकी है कि वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी पोजीशन को लेकर उठा यह विवाद फिलहाल इतनी आसानी से थमने वाला नहीं है, और हर कोई यही चाहता है कि इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी के साथ कोई भी ऐसा निर्णय न लिया जाए जिससे उसकी अद्भुत क्षमता पर किसी भी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव पड़े।